विज्ञान के युग आज भी कुछ ऐसे कारनामें होते हैं, जिसे देख हर कोई दांतों तले अंगुलियां दबाने के लिए विवश हो जाता है। कुछ ऐसा ही वाक्या शनिवार को उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में दिखा। नगर पंचायत के डीह बाबा पूजा के दिन एक बाबा ने खौलते दूध के एक के बाद एक घड़े से स्नान कर सबको हैरान दिया। डीह बाबा की पूजा के दौरान पुरानी परंपराओं व मान्यता के अनुसार पुजारी और यजमान द्वारा खौलते दूध से स्नान करने पर ही लोगों का कल्याण होता है।
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कछवा डीह शेषनाथ यादव के आवास पर सभी यदुवंश इकट्ठे थे। मिल्कीपुर वाराणसी के राम अवध देवी सेवकीया द्वारा आग प्रज्वलित कर सात ताई (मटका) 120 लीटर गरम दूध और 16 लीटर देशी घी को मंत्रोचार के साथ इस दूध को खौलाया गया। खौलते दूध से देवी पुजारी राम अवध को स्नान कराया गया। यह दृश्य देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग नगर पंचायत कछवा के डीह बाबा मंदिर पर जुटे रहे। खौलते दूध व घी से स्नान करने पर भी शरीर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
लोगों की आस्था कोरोना संक्रमण के डर पर भारी पड़ी और पाबंदियों के बावजूद बड़ी संख्या में लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। लोगों ने सामाजिक दूरी का पालन नहीं किया। प्रशासनिक अधिकारियों की नजर भी इस कार्यक्रम पर नहीं पड़ी।
डॉ. आनंद तिवारी ने बताया कि खौलते दूध से नहाना वो भी बिना जले, इस पर यकीन करना मुश्किल है। परिस्थितियों को देखने समझने के बाद ही कुछ कहना संभव हो पाएगा