अदलहाट। क्षेत्र के भुइलीखास पहाड़ी पर लगे छह की संख्या में शक्तिशाली विद्युत टावर के पास हो रहे खनन के चलते ओबरा से साहूपुरी को जाने वाली 220 केवीए विद्युत लाइन पर संकट मंडरा रहा है। यदि समय रहते इसपर ध्यान न दिया गया तो कभी भी टावर गिर सकते हैं। इससे बिजली व्यवस्था चरमरा जाएगी।
भुइलीखास पहाड़ी पर बिजली के छह टावर लगे हैं। टावर के आसपास 80 मीटर की परिधि में किसी प्रकार के खनन पर पूरी तरह प्रतिबंध है। 24 दिसंबर 2012 को इसी पहाङ़ी पर खनन माफियाओं की ओर से अवैध खनन के दौरान विस्फोट में 60-60 मन के चार चट्टान पहाड़ी के नीचे बस्ती में राधे बियार के मकान के आसपास गिर चुके हैं। टावर के पास चार वर्ष पहले तत्कालीन उपजिलाधिकारी चुनार डॉ. विश्राम ने भइलीखास पहाङ़ी पर प्रतिबंधित कर 80 मीटर की परिधि में किसी भी प्रकार के खनन पर पूर्ण रोक लगा दी थी। लेकिन इस समय खनन कार्य जारी है।
अवर अभियंता विद्युत टावर राबर्ट्सगंज, सोनभद्र अशोक मौर्य का कहना है कि टावर के आसपास अवैध खनन की सूचना मिली है, जांच कराई जाएगी। मामला यदि सही पाया जाता है तो अवैध खनन पर रोक लगाई जाएगी। उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।