सिंधोरा गोआश्रय स्थल पर बीमार पशु और समीप बड़ी संख्या में गोवंश के अवशेष मिले थे
वीडियो वायरल होने के बाद बीडीओ ने किया था निरीक्षण, खामियां मिलने पर की थी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
पड़री। सिंधोरा गोआश्रय स्थल के वायरल वीडियो की जांच करने पहुंचे पहाड़ी बीडीओ मुनीश कुमार सिंह की तहरीर पर सर्व सेवा फाउंडेशन के अध्यक्ष अभिषेक कुमार सिंह और मंत्री सचिन सिंह के खिलाफ पड़री थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। वीडियो वायरल के बाद बीडीओ ने रविवार शाम बृहद गो संरक्षण केंद्र सिंधोरा-डगमगपुर का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में बड़ी संख्या में खुले में फेंके गए गोवंश के अवशेष, चारों तरफ फैली दुर्गंध के साथ ही हरे चारे और भूसे की कमी समेत कई खामियां मिली थीं।
बीडीओ ने सर्व सेवा फाउंडेशन और पशुधन प्रसार अधिकारी सुरेश सिंह को गोआश्रय स्थल की व्यवस्थाओं के लिए कड़ी फटकार लगाई। बीडीओ ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही थी। सोमवार को पड़री थाने में बीडीओ की ओर से सर्व सेवा फाउंडेशन संस्था के अध्यक्ष अभिषेक कुमार सिंह और मंत्री सचिन सिंह के खिलाफ वातावरण को दूषित करने सहित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पड़री थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने इसकी पुष्टि की है।
चारा-पानी और देखभाल के अभाव में दुर्गंध से दो हजार ग्रामीण परेशान
पहाड़ी के सिंधोरा गांव के डगमगपुर स्थित बृहद गो संरक्षण केंद्र में कई अव्यवस्थाएं हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गोवंश के लिए पर्याप्त चारा-पानी और समुचित देखभाल की व्यवस्था नहीं है। मृत गोवंश के शरीर का नियमानुसार निस्तारण करने के बजाय उन्हें आसपास की पहाड़ियों में खुले में फेंका जा रहा था। इससे क्षेत्र में दुर्गंध फैलने के साथ संक्रमण का खतरा बना हुआ था। इससे 2000 ग्रामीण परेशान हैं।
मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। हालांकि, संवाद न्यूज एजेंसी किसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता। ग्रामीणों का कहना है कि वीडियो सामने आने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ। रविवार देर शाम से रात तक पहाड़ियों में पड़े मृत गोवंश के शवों और कंकालों को मिट्टी में डालकर ढकने का कार्य कराया गया। पसैया गांव के मैनेजर गौंड, मिथिलेश्वर, सुभाष गौड़, धर्मेंद्र कुमार दुबे, राजेंद्र गौतम, अमरनाथ और संतोष गौतम समेत अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गोशाला के पीछे बने गेट से मृत गोवंश के शव पहाड़ियों की ओर फेंके जा रहे थे। पहाड़ी क्षेत्र में जगह-जगह शव और कंकाल पड़े होने से आसपास के गांवों में दुर्गंध फैल रही थी।
दो माह से बिगड़ी थी स्थिति
सिंधोरा निवासी मनीजर गोंड ने बताया कि गोआश्रय केंद्र के पास घर होने के कारण दुर्गंध से परेशानी होती थी। शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो महीने से स्थिति ज्यादा खराब है। भूसे के अलावा अन्य व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं हैं।
वर्जन
गो आश्रय स्थल की अव्यवस्थाओं और मृत पशुओं के खुले में निस्तारण को लेकर कई बार कर्मचारियों से शिकायत की गई थी। वीडियो वायरल होने के बाद रविवार रात मृत गोवंश के शवों को हटाया गया।
निर्भय कुमार दुबे, ग्राम प्रधान, पसैया
गोवंश की देखभाल और मृत पशुओं के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था दुरुस्त होना जरूरी है। गोआश्रय केंद्र कमाई या बचत के लिए नहीं, बल्कि गोवंश की सेवा के लिए हैं।
रामअभिलाष, प्रधान प्रतिनिधि,सिंधोरा ग्राम पंचायत