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सिक्के नहीं लेने से नाराजगी

Fri, 08 Sep 2017 12:19 AM IST
mirzapur news
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ज्ञापन देने जाते व्यापार प्रतिनिधिमंडल के सदस्य।
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एक, दो, पांच व दस के सिक्कों को लेकर पूरे जनपद में दूकानदारों, ग्राहकों एवं बैंकों में एक दूसरे से नोंक झोंक का मामला लगातार सुनने को मिल रहा है। आएदिन होने वाली हुज्जत पर गुरुवार को उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के प्रतिनिधि जिलाधिकारी से मिले और अपनी समस्या बताई।
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उत्तर प्रदेश व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने गुरुवार को जिलाधिकारी को पत्रक देकर आरोप लगाया कि बैंकों द्वारा सिक्का न लिए जाने से छोटे व बड़े व्यापारियों में आए दिन नोंक झोंक होता रहता है। इस दौरान व्यापारियों ने जिलाधिकारी से बैंकों को सिक्का लेने का निर्देश दिए जाने की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि बैंकों के अड़ियल रवैये के कारण व्यापारी एक, दो, पांच व दस के सिक्कों का आदान प्रदान न करने पर मजबूर हो गए हैं।
छोटा व्यापारी चाय, पान, चाट, हलवाई व परचून के दूकानदारों के पास पूरे दिन की बिक्री के बाद पांच सौ से एक हजार तक के छोटे बड़े सिक्के जमा हो जाते हैं, लेकिन जब वही दूकानदार बड़े व्यापारियों के पास सामान लेने जाते हैं तो बड़े व्यापारी सिक्के लेने से मना कर देते हैं। प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय मंत्री शत्रुघ्न केशरी ने कहा कि बिना किसी आदेश के सिक्कों का न लेना भारतीय मुद्रा का अपमान है। उन्होंने जिलाधिकारी से बैंकों की मनमानी पर रोक लगाने व व्यापारियों को संकट से निजात दिलाने का अनुरोध किया। इस दौरान उन्होंने आंदोलन की चेतावनी भी दी। पत्रक के दौरान संजय सिंह गहरवार, अखिलेश मालवीय, सुनील कुमार जायसवाल, शिव मुंदड़ा, अमित श्रीनेत, प्रदीप गुप्ता, विठ्ठल नाथ, मोहन लाल सोनी, अनिल अग्रवाल आदि उपस्थित रहे। हलिया संवाददाता के अनुसार बैंकों द्वारा खुदरा सिक्का लेने से इंकार करने पर व्यापार मंडल हलिया ने विरोध जताया। इस दौरान व्यापारियों ने प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। व्यापारियों ने थानाध्यक्ष हलिया को पत्रक देकर निजात दिलाने की मांग की। पत्रक में व्यापारियों ने कहा कि कोई बैंक सिक्का नहीं ले रहे हैं। पत्रक देने वालों में शिवबाबू सेठ, दीपक कुमार, मुन्ना सिंह, अशोक कुमार, गणेश जायसवाल, दिलीप कुमार, राजकुमार, राकेश, सुरेश, उमेश आदि व्यापारी शामिल रहे।
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