मिर्जापुर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बृहस्पतिवार को यहां कहा कि उनकी इच्छा पाकिस्तान जाने की है। वह वहां गए नहीं है, लेकिन जाना चाहते हैं। कृषि कानून पर कहा कि यह कंपनियों के इशारे पर बनाया गया है। इससे गरीब किसानों को नुकसान है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने मां विंध्यवासिनी के दर्शन के बाद नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपचंद्र जैन के निवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पड़ोसी बदला नहीं जा सकता। कहा कि केंद्र सरकार ने कृषि कानून कंपनियों के इशारे पर बनाया है। यदि किसानों को उपज का मूल्य कंपनी नहीं देती है तो वह न्यायालय भी नहीं जा सकता, बल्कि एसडीएम उसका मामला सुलझाएगा। कांग्रेस किसानों के साथ है और उनकी लड़ाई में बराबर की भागीदार है। किसानों को उनका हक दिलाया जाएगा। कहा कि विश्व व्यापार संगठन सदैव से भारत पर दबाव बनाता रहा है, लेकिन कांग्रेस ने कभी इसे बर्दाश्त नहीं किया। कहा कि किसान मामले में पीएम मोदी ने शांता कुमार की कमेटी बनाई। आज अमित शाह ने भी कुछ कहा है। यदि पहले ही कह दिया होता तो इसकी नौबत ही क्यों आती। कहा कि इस मसले को इसीलिए सेलेक्ट कमेटी को भेजे जाने की मांग की जा रही थी, ताकि वहां चर्चा हो सके। कहा कि पीएम ने तो बिना चर्चा के ही इस बिल को पास करा दिया। कहा कि कांग्रेस सदैव से ईवीएम के लिए आवाज उठाती रही है। उन्हें ईवीएम पर कतई भरोसा नहीं है। यदि कोई साफ्टवेयर है तो उसका प्रोग्राम सार्वजनिक किया जाना चाहिए। जो वीवीपैट आता है तो उससे बेहतर है कि बैलट पेपर दिया जाय, यही हम चाहते हैं।
‘नकवी और शाहनवाज पर भी होनी चाहिए कार्रवाई’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि यदि लव जिहाद बिल बनने से बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सके तो इस कानून की सार्थकता है। उन्होंने कहा कि लव जिहाद का कानून मुख्तार अब्बास नकवी व शहनवाज खां पर भी लागू होना चाहिए। यह कहने पर कि यह तो उत्पीड़न पर ही लागू होता है, उन्होंने कहा कि क्या पता उत्पीड़न हुआ हो।