दुबारा संशोधित- सीएम का पीड़ित परिवार से बातचीत करने का तथ्य इंट्रो में शामिल किया गया है।
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चचेरे भाइयों की हत्या की जांच के लिए एसआईटी गठित
तीनों की मौत डूबने से नहीं धारदार हथियार से की गई थी उनकी हत्या
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा, एडीजी जोन ने किया घटनास्थल का दौरा
संवाद न्यूज एजेंसी
लालगंज (मिर्जापुर)। क्षेत्र के बामी गांव के तीनों चचेरे भाइयों की मौत हादसे की वजह से नहीं हुई, बल्कि उनकी हत्या की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से आंखों में गहराई तक वार करने से मस्तिष्क में ब्लड क्लाटिंग और अत्यधिक रक्तस्राव को मौत काकारण बताया गया है। किशोरों के शरीर, चेहरे पर धारदार हथियार से वार के निशान मिले थे। इसके बाद अज्ञात पर हत्या और साक्ष्य मिटाने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। एडीजी जोन वाराणसी बृजभूषण ने दोपहर में घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले के जल्द पर्दाफाश का निर्देश दिया है। जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है। उधर, शाम लगभग सात बजे सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधायक रत्नाकर मिश्र के जरिए परिजनों से बात कर ढांढस बंधाया और दोषियों को जल्द सजा दिलाने का आश्वासन दिया।
लालगंज थाना क्षेत्र के बामी गांव निवासी चचेरे भाई सुधांशु तिवारी (15), शिवम (15) और हरिओम (14) मंगलवार की दोपहर धसड़ा के जंगल में बेर खाने गए थे। देर शाम तक नहीं लौटे तो उनकी खोजबीन शुरू हुई। अगले दिन परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तलाश शुरू की तो दोपहर बाद तीनों के कपड़े विंध्याचल थाना क्षेत्र के लेहड़िया जंगल की बंधी पर मिले। परिजनों ने पुलिस की मदद से बंधी में खोजबीन की तो तीनों के शव बरामद हो गए। शरीर पर चोट के निशान देखकर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी। बृहस्पतिवार की भोर में दो डॉक्टरों के पैनल ने तीनों का पोस्टमार्टम किया। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीजी जोन बृजभूषण बृहस्पतिवार को गैपुरा चौकी क्षेत्र स्थित लेहड़िया बंधी पहुंचे। उनके निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक नक्सल महेश सिंह अत्री के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर दी गई। आईजी पीयूष श्रीवास्तव, जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल, पुलिस अधीक्षक ने भी मौके की जांच की। मामले में अज्ञात पर हत्या और साक्ष्य मिटाने का मुकदमा दर्ज हुआ है। एसपी अजय कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
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