गाड़ी घर पहुंची तो बाहर लोगों की भीड़ जुटी थी, लोग रो रहे थे। यह देखकर पत्नी को पति की मौत का अंदेशा हो गया। एंबुलेंस से शव बाहर आने पर वह कमरे में गई। इसके बाद मांडवी ने कमरे में खुद को आग के हवाले कर दिया। कमरे से धुआं उठने पर लोग पहुंचे और किसी तरह आग बुझाई। इसके बाद मांडवी को उपचार के लिए वाराणसी ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया।
पांच बच्चे हो गए अनाथ
जिगना। जिला पंचायत प्रत्याशी विनोद कुुमार पांडेय और उनकी पत्नी मांडवी की मौत के बाद पांच बच्चे अनाथ हो गए। उनके सभी बच्चे नाबालिग हैं। इसमें 17 वर्षीय कुमारी खुशी, 13 वर्षीय सृष्टि, 12 वर्षीय पलक, 10 वर्षीय पुत्र उत्कर्ष और नौ वर्षीय पुत्र किशन का रो-रोकर बुरा हाल है। विनोद कुमार पांडेय तीन भाइयों में बड़े थे। बड़े पुत्र और बहू की मौत से परिवार पर विपत्ति का पहाड़ टूट पडा है। विनोद कुमार के पिता अधिवक्ता शेषधर पांडेय के आंसू नहीं रुक रहे हैं। शोक संवेदना व्यक्त करने और ढांढस बंधाने वाले घर पर पहुंचे रहे।