सड़क पर घने कोहरे के बीच स्कूल के लिए जाते स्कूली बच्चे।-संवाद।
मिर्जापुर। आठ जनवरी के बाद लगभग 22 दिन राहत के बाद शनिवार को छाए घने कोहरे और कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। हालांकि न्यूनतम तापमान एक डिग्री बढ़कर नौ डिग्री पर सेल्यिस पहुंच गया। अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस पर थमा रहा। शुक्रवार की रात छाया घना कोहरा दूसरे दिन शनिवार की सुबह साढ़े नौ बजे तक बना रहा। शुक्रवार की रात में फॉग लाइट के सहारे सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। शनिवार को सुबह घने कोहरे के चलते प्रमुख मार्गों पर हेड लाइट और हार्न के सहारे गुजरते रहे। सुबह नौ बजे का स्कूल होने से कोहरे के बीच जान जोखिम में डालकर बच्चे स्कूलों की तरफ जाते दिखे। सुबह 10 बजे के बाद धूप जरूर निकली लेकिन गलन व ठंड से बेअसर रही। मौसम वैज्ञानिक शिव मंगल सिंह ने बताया कि शनिवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इधर 22 दिन बाद कोहरे और गलन से आम जनमानस परेशान रही। उधर, फसलों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। गेहूं को छोड़कर दलहनी, तिलहनी फसलों में अरहर, चना, मटर, मसूर, सरसों और आलू पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
ब्रह्मपुत्र आठ घंटे तो मगध एक्स. सात घंटे की देरी से पहुंची-मिर्जापुर। घने कोहरे का असर दिल्ली से मिर्जापुर आने वाली ट्रेनों पर भी पड़ा। ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस आठ घंटे तो मगध 7 घंटे की देरी से शनिवार को चल रही थी। वहीं शक्तिनगर से प्रयागराज होते हुए त्रिवेणी एक्सप्रेस रद्द रही। इसी तरह दिल्ली से आने वाली ज्यादातर ट्रेनें देरी से चल रही हैं। इससे यात्रियों को असुविधा हुई। कई सुपर-फास्ट ट्रेन भी देरी से चल रही हैं। इससे वीआईपी यात्रियों को भी समस्या हुई। हावड़ा, नेताजी, संबलपुर, सिक्किम व सीमांचल एक्सप्रेस तीन घंटे की देरी से चल रही है। पुरषोत्तम तीन घंटे की देरी से पहुंची। दिल्ली जाने वाली ट्रेन बरौनी गाेदिंया व गंगा ताप्ती एक्सप्रेस एक घंटे की देरी से स्टेशन पर पहुंची।