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Mirzapur News: लापरवाही पर सोनभद्र और भदोही के जिला कृषि अधिकारियों समेत तीन पर कार्रवाई

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मिर्जापुर। मंडलायुक्त डॉ. मुथुकुमार स्वामी बी ने मंडलीय सहकारिता निबंधक (डीआर कोऑपरेटिव) और सोनभद्र तथा भदोही के जिला कृषि अधिकारियों को काम में लापरवाही तथा खाद व बीज की बिक्री करने वाले प्राइवेट दुकानदारों के खिलाफ अब तक हुई कार्रवाई की सही जानकारी उपलब्धता नहीं करा पाने पर बृहस्पतिवार को प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी। कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्धारित से ज्यादा दाम पर खाद बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराकर कड़ी कार्रवाई का भी निर्देश दिया।
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उन्होंने कहा कि मंडल में किसी भी प्रकार के खाद की काला बाजारी नहीं होने दी जाएगी और निर्धारित से ज्यादा दाम पर खाद बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान संयुक्त कृषि निदेशक डॉ. अशोक कुमार उपाध्याय ने बताया कि मिर्जापुर में 4658 टन, सोनभद्र में 4259 टन तथा भदोही में 1673 टन फास्फेटिक खाद उपलब्ध है। इस पर मंडलायुक्त ने सभी जिला कृषि अधिकारियों को अपने जिले में खाद विक्रेताओं की निगरानी रखने की हिदायत दी और निर्देश दिया कि कहीं भी ज्यादा दाम पर खाद बेचे जाने अथवा कालाबाजारी की शिकायत मिले तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराकर कार्रवाई करें। क्षेत्रीय सहायक निरीक्षक सहकारिता ने बताया कि निजी खाद कंपनियों की तरफ से जिले में लगने वाली खाद की रैक में से 30 प्रतिशत की आपूर्ति पीसीएफ को की जाएगी। साथ ही पीसीएफ की समितियों के माध्यम से किसानों को उचित दर पर खाद वितरित की जाएगी।
मंडलायुक्त ने अधिकारियों को जोतबही एवं खतौनी के आधार पर पीओएस मशीन के माध्यम से ही किसानों को खाद वितरित किए जाने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक बिपिन कुमार सिंह ने मंडलायुक्त को बताया कि मिर्जापुर में 900 टन खाद की रैक आई है। इसमें से 30 प्रतिशत अर्थात 270 टन डीएपी सहकारिता विभाग को दी गई है। मंडलायुक्त ने जिला कृषि अधिकारियों को जिले की सभी सीमाओं पर सघन अभियान चलाकर जांच का निर्देश दिया। इसके लिए क्षेत्रीय कर्मचारी तथा लेखपाल की ड्यूटी लगाने को भी कहा। उन्होंने कहा कि किसी निजी खाद विक्रेता द्वारा बिना रसीद के खाद की विक्री किसी भी दशा में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस समय रबी की फसलों की बोआई का मुख्य सीजन है। इसलिए किसानों को खाद जरूरत के मुताबिक उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने सभी जिला कृषि अधिकारियों को कंट्रोल रूम के माध्यम से किसानों के समस्याओं का निपटारा करने का निर्देश दिया।
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