इसके बाद उसकी पिटाई की और रिवाल्वर से धमकाया कि किसी को बताया तो गोली मार दूंगा। 18 फरवरी को रामचंद्र दास ने उसे मेसेज कर पुत्र को ले जाने को कहा। पीड़ित के पिता ने बताया कि वह उस समय गुजरात में था। 24 फरवरी को आश्रम पहुंचा तो पुत्र ने रो-रो कर पूरी बात बताई।
क्षेत्राधिकारी लालगंज उमाशंकर सिंह ने बताया कि पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी रामचंद्र दास के खिलाफ अप्राकृतिक दुष्कर्म, मारपीट व पॉक्सो एक्ट का मुकदमा दर्ज कर लिया है। किशोर का मेडिकल कराया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
हालांकि रामभद्राचार्य ने आरोपों को निराधार बताते हुए इसे आश्रम के खिलाफ षड्यंत्र बताया है। उन्होंने कहा कि हमारी प्रतिष्ठा को न सहने के कारण लोगों ने बच्चों को मोहरा बनाकर स्वार्थ साधा है। रामचंद्र कमरे में कभी अकेले नहीं सोते हैं। कुछ लोगों ने बच्चे से यह सब बातें कहलवाई हैं।