मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को जिला अभियोजन समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक माह में निस्तारित वादों की संख्या, कितने में सजा हुई, कितने में रिहाई या जमानत के विवरण अगली बैठक में उपलब्ध कराए जाएं।
उन्होंने कहा कि महिला उत्पीड़न, पाक्सो एक्ट, गैंगेस्टर, टाप टेन अपराधियों के वादों के निस्तारण के लिये प्रत्येक माह कम से कम 10 वाद निस्तारण सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि मुकदमों के निस्तारण में शासन के मंशानुरूप परिणाम लाया जाय तथा गवाहों की उपस्थित दर्ज कराई जाए। यह भी कहा कि जिन गवाहों को न्यायालय में बुलाया जाय। प्रयास किया जाय कि उनकी गवाही हो जाए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मुकदमों की तारीख की अवधि लंबी न हो। कम अवधि पर तारीख तय कर मुकदमों का फैसला किया जाए।
उन्होंने बताया कि पाक्सो एक्ट के 57, आर्म्श एक्ट के 25 लंबित मुकदमों को प्राथमिकता से संज्ञान लेते हुए निस्तारण सुनिश्चित कराते हुए दोषियों को सजा दिलाई जाए। उन्होंने कहा कि टाप टेन अपराधियों, माल जब्ती आदि के मामलों में तेजी लाया जाय। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर वादों के निस्तारण की समीक्षा की जा रही है। अतएव रुचि लेते हुए अधिक से अधिक वाद निस्तारित किए जाएं। बैठक में अपर जिलाधिकारी शिव प्रताप शुक्ल, ज्वाइंट डायरेक्टर अभियोजन, सभी शासकीय अधिवक्तागण एवं जिला अभियोजन अधिकारी उपस्थित रहे।