राजगढ़। कोरोनाकाल में किसानों की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही है। एक तरफ जहां लॉक डाउन में बाजार बंद होने से सब्जी उत्पाद में लगे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। वही गेहूं बेचने के लिए किसानों को 50 किलोमीटर दूर स्थित क्रय केंद्र का टोकन जारी कर दिया गया है। जिससे क्षेत्र के अन्नदाता औने-पौने दामों पर व्यापारियों और बिचौलियों के हाथों उपज बेचने को मजबूर हैं।
राजगढ़ में पिछले कई वर्षों से धान व गेहूं खरीद के लिए सरकारी क्रय केंद्र खोला जाता रहा है। लेकिन इस वर्ष मात्र एक ही ददरा हिनौता सहकारी समिति को क्रय केंद्र बनाया गया है। जिससे क्षेत्र के किसान अपनी उपज का गेहूं बेचने के लिए परेशान हो रहे हैं। क्रय केंद्र पर कई दिनों से गेहूं से लदे ट्रैक्टर ट्राली खड़े हैं। क्रय केंद्र पर एक मात्र कांटा होने से धीमी गति से खरीद होने से किसान परेशान हैं। क्षेत्र के अवध नाथ मिश्रा को मिर्जापुर क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने के लिए टोकन जारी किया गया है और प्रभात सिंह को अदलहाट क्रय केंद्र का टोकन मिलने से परेशान हैं। दोनों क्रय केंद्र राजगढ से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस समय लोगों का घर से बाहर निकलना जानलेवा साबित हो रहा है। जिससे किसान बिचौलियों को गेहूं बेचने को विवश हैं।