चुनार। स्थानीय थाना क्षेत्र के गंगेश्वर नाथ मोहल्ले में रविवार की सुबह पंखे से दूपट्टे के सहारे लटक गई। परिजनों ने फंदे से लटका देख उसे उताकर उपचार के लिए निजी अस्पताल ले गए। जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। किशोरी की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
गंगेश्वर नाथ मुहल्ला निवासी रतन लाल निषाद ओबरा सोनभद्र में परिवार सहित रहकर बालू के ठेकेदारी का काम करता था। लॉकडाउन के दौरान ही वह परिवार के साथ अपने घर चुनार आया है। रविवार की सुबह वह घर से निकलकर गंगा किनारे गया था और उसकी पत्नी मुहल्ले में ही एक बुजुर्ग की मौत होने पर शोक संवेदना व्यक्त करने गई थी। आधे घंटे बाद जब पत्नी घर पहुंची तो देखा कि उसकी पुत्री प्रियंका 16 वर्ष अंदर के कमरें में पंखे के सहारे दूपट्टी के सहारे लटकी हुई है। जिसे देखते ही वह जोर-जोर से रोने लगी। रोने चिल्लाने की आवाज सुनकर अगल बगल के लोग पहुचें और उसे फंदे से उतार कर आनन-फानन में उसे एक प्राइवेट चिकित्सालय ले गए। जहां चिकित्सक ने देखते ही उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना परिजनों ने पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। किशोरी राजकीय कन्या विद्यालय ओबरा से इस बार हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। पिता रतन लाल ने बताया कि पुत्री पढ़ने में होनहार थी। परीक्षा परिणाम मन मुताबिक न आने से बराबर गुमशुम व दिमागी रूप से उलझन में रहती थी। पिता ने मानसिक रूप से उलझन के चलते पुत्री को फंदे से लटक कर आत्म हत्या करने की तहरीर दिया है। किशोरी चार भाईयों में अकेली थी।