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Mirzapur News: हाईवा ने दूध विक्रेता का सिर कुचला, विरोध में ढाई घंटे तक जाम रहा स्टेट हाईवे

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मौत के बाद राजगढ़ थाना क्षेत्र के मिर्जापुर सोनभद्र मुख्य मार्ग पर ोते परिजन। स्रोत- संवाद
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आक्रोशित परिजनों ने सुबह सड़क में शव रखकर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करते हुए जाम लगाया
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भावां, मिर्जापुर। राजगढ़ के मिर्जापुर-सोनभद्र हाईवे पर बसंतपुर गांव के सामने बाइक से दूध लेकर जा रहे बाइक सवार ग्वाले सतीश उर्फ झगडू यादव (41) का हाईवा ने सिर कुचल दिया। मौके पर ही मौत हो गई। हादसे से आक्रोशित परिजनों ने सुबह नौ बजे बीच सड़क में शव रखकर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करते हुए जाम लगा दिया। जाम खुलवाने के लिए दो थाने की पुलिस पहुंची। जाम लगने से वाहनों की कतार लग गई। साढ़े 11 बजे जाम समाप्त हुआ। ढाई घंटे तक स्टेट हाईवे पर आवागमन बाधित रहा। दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई।

राजगढ़ थानाध्यक्ष वेद प्रकाश पांडेय ने बताया कि आरोपी हाईवा चालक की तलाश की जा रही है। मड़िहान के कुंदरुफ गांव निवासी सतीश उर्फ झगडू यादव (41) रोज की तरह रविवार को ग्रामीण इलाके के पशुपालकों से दूध खरीदकर ददरा पहाड़ी के खोवा बनाने वाले संचालक मशीन पर जा रहे थे। सुबह नौ बजे वह जैसे ही बसंतपुर गांव के सामने पहुंचे थे कि आगे जा रही हाईवा ओवर टेक करने लगी। तभी सामने से आ रहे अज्ञात बाइक सवार से टकराकर सतीश हाईवा की चपेट में आ गए। हाईवा के नीचे आने सतीश का सिर कुचल गया। मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की जानकारी पर पहुंचे परिजनों ने सड़क के बीच शव रखकर जाम लगा दिया। परिजन जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने के साथ आरोपी वाहन चालक की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। घटना के बाद राजगढ़ थाने की पुलिस मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास करती रही। परिजन नहीं माने। थानाध्यक्ष बालमुकुंद मिश्रा फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों थानाध्यक्ष के अथक प्रयास से ढाई घंटे बाद सड़क से जाम हटाया गया। तब तक दोनों तरफ सैकड़ो वाहनों का जमावड़ा लग गया। जाम में रोडवेज बसों के साथ छोटे वाहन, ट्रक, हाईवा खड़े रहे। हादसे के बाद पुलिस भावां बाजार, ददरा पहाड़ी आदि जगहों के सीसी टीवी कैमरे को खंगालने में जुटी रही।
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इनसेट
छोटा भाई जेल में, सतीश पर थी भाई के परिवार की भी जिम्मेवार
भावां। सतीश दो भाइयों में बड़ा थे। छोटा भाई शिवशंकर ग्रामसभा में ग्राम रोजगार सेवक के पद पर तैनात था। 9 दिसंबर 2025 को एंटी करप्शन की टीम ने उसे रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। जो बनारस के जेल में बंद है। सतीश ही परिवार के साथ साथ छोटे भाई के परिवार का खर्च दूध के व्यापार कर उठता था। सतीश लगभग 23 वर्षों से दूध का व्यवसाय करता था।
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इनसेट
बार-बार बेहोश हो जा रही थी पत्नी
सतीश यादव की पत्नी सुनीता पति शव देखते ही पकड़ कर दहाड़े मार कर रोती रही। आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। चार- चार बच्चों के पालन पोषण की जिम्मेवारी कंधे पर आ गई है। बार बार पति के शव के ऊपर ही गिर कर बेहोश हो जा रही थी। सड़क पर पड़े क्षत विक्षत पिता के शव से उसके चारों बच्चे लिपटे रहे। उनको हटाने में मौके पर पहुंची पुलिस के भी एक बार पसीने छूट गए। जिसे देख मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई। मां शांति देवी पुत्र के शव को देखते ही अपना आपा खो कर बेसुध हो गई।

मौत के बाद राजगढ़ थाना क्षेत्र के मिर्जापुर सोनभद्र मुख्य मार्ग पर ोते परिजन। स्रोत- संवाद

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