पुलिस अधिक्षक को पत्रक देने के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद अग्रहरि समाज के सदस्य, स्रोत संव
मिर्जापुर। बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के चुनाव में सदस्य पद के प्रत्याशी अमित जायसवाल ने नामांकन फीस डेढ़ लाख किए जाने के विरोध में उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय को प्रार्थना पत्र देकर नामांकन शुल्क पहले की भांति करने की मांग की।
बताया कि बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश का चुनाव पांच वर्ष में होता है। यह चुनाव आठ साल में कराया जा रहा है। इसमें उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले के अधिवक्ता मतदान करते हैं। यह चुनाव साल 2018 में पिछली बार हुआ था। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर यह चुनाव जनवरी 2026 में कराया जा रहा है। नामांकन शुल्क पिछली बार 15 हजार था। जिसे बढ़ाकर इस बार 10 गुना डेढ़ लाख कर दिया गया है। बताया कि बार कॉउंसिल ने मनमाने तरीके से शुल्क वृद्धि का फरमान जारी कर दिया है। जो हर तरह से अनुचित है। राष्ट्रपति के चुनाव का नामांकन शुल्क 15 हजार, सांसद का 25 हजार और विधायक का 10 हजार नामांकन शुल्क होता है। बार काउंसिल के द्वारा मनमाने तरीके से शुल्क वृद्धि पर रोक लगाते हुए इसे पूर्व की भांति किया जाना चाहिए।