प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने ड्यूटी से लापरवाही बरतने एवं उच्चाधिकारियाें के आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में पटेहरा स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात एक चिकित्सक को निलंबित कर दिया।
वहीं जनवरी माह में रात को ड्यूटी से गायब रहने वाले सात चिकित्सकों समेत कुल दस कर्मचारियाें का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया है।
बता दें कि गत माह प्रमुख सचिव रेशम नवतेज सिंह ने पचोखरा स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात चिकित्सक संतलाल के गायब रहने पर उसका स्थानांतरण पटेहरा कला में करने का निर्देश डीएम एवं सीएमओ को दिया था।
िनर्देश के बाद भी संतलाल पटेहरा नहीं गए। दोबारा निरीक्षण करते समय पचोखरा में डा. संतलाल को पाए जाने पर प्रमुख सचिव नाराज हो गए और उन्हें निलंबित करने के लिए शासन को पत्र लिखने का निर्देश दिया। इसी बीच संतलाल पटेहरा स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात हो गए।
उधर सीएमओ द्वारा उनके विरुद्ध शासन में पत्र लिखने पर गत दिनाें प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने संतलाल को प्रमुख सचिव का आदेश न मानने एवं कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया।
सीएमओ आरपी गुप्ता ने बताया कि जनवरी माह में रात के समय कर्मचारियाें की उपस्थिति की जानकारी के लिए स्वास्थ्य केंद्राें की औचक चेकिंग की गई। जिसमें अहरौरा सीएचसी पर तैनात डा. अलका के गायब मिलने पर उनका वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है।
पीएचसी गुरसंडी पर तैनात डा. मुकुल पांडेय, हलिया स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात डा. पवन द्वारा पेंशन प्रकरण का मामला लंबित रखने पर उनका वेतन रोका गया है। विजयपुर पीएचसी पर तैनात डा. मुकेश कुमार, न्यू पीएचसी बरकछा पर तैनात चौकीदार शैलेश सिंह का ड्यूटी से गायब रहने पर वेतन रोका गया।
इसी तरह छटहां केंद्र पर तैनात राजेश शेखर मिश्रा, बरौंधा स्वाथ्स्य केंद्र में तैनात डा.संजय, कछवां सीएचसी पर तैनात डा. विद्या सिंह, डा. बृजेश त्रिपाठी, सीखड़ में तैनात कर्मचारी मोनो प्रताप, अकोढ़ी स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात डा. राहुल जायसवाल आदि का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया है।