मिर्जापुर। दिल्ली में मासूम मुनिया के साथ दरिंदगी पर जनमानस में उबाल है। एक तरफ जहां घटना के विरोध में माले कार्यकर्ताओं ने लालगंज में प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार का पुतला फूंका वहीं दूसरी ओर नगर के डैफोडिल्स पब्लिक स्कूल में मुनिया की सलामती के लिए बच्चों ने प्रार्थना सभा की। लालगंज में पुतला फुंकने के दौरान पुलिस व माले कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक भी हुई। इस दौरान सात कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया था। करीब एक घंटे तक थाने में बैठाने के बाद सभी को छोड़ दिया।
लालगंज में प्रदर्शन के दौरान माले कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदेश सरकार का पुतला फूंकने के दौरान कार्यकर्ताओं से पुलिस की नोकझोंक भी हुई। इस पर पुलिस ने सात कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इनमें नेतृत्व कर रहे माले नेता सुरेश, छोटे लाल कोल, श्याम नारायण, वीणा भारती व अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) की जिलाध्यक्ष अहमदी बेगम आदि शामिल रहीं। लालगंज में पुलिस के इस कृत्य की माले नेता मो. सलीम ने निंदा की है। कहा कि दिल्ली व लालगंज की पुलिस में महिला उत्पीड़न के मामलों की अनदेखी करने में कोई फर्क नहीं है। माले नेता ने कहा कि दिल्ली की घटना का विरोध कर रहे माले कार्यकर्ताओं व महिला कार्यकत्रियों के साथ लालगंज पुलिस ने दुर्व्यवहार कर इसको साबित कर दिया है कि यहां की पुलिस भी बर्बरता में पीछे नहीं है। उधर नगर के डैफोडिल्स पब्लिक स्कूल में शनिवार की शाम को छात्राओं ने मुनिया के शीघ्र स्वास्थ होने के लिए प्रार्थना सभा की। इसमें छात्राओं का कहना था कि क्या अब बच्चे दरिंदों के डर से खेलकूद भी नहीं सकते हैं। छात्राओं ने एक स्वर में मासूम मुनिया के साथ दरिंदगी करन े वालों को फांसी पर लटकाने की मांग की है।