विंध्याचल। अपनी भौगोलिक रचना, ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक पृष्ठभूमि के परिप्रेक्ष्य में जनपद मिर्जापुर मां भगवती विंध्यवासिनी के कारण प्रसिद्ध है। यहां की लोक विधा मिर्जापुरी कजरी देश के कोने-कोने में जानी जाती है तथा यहां की साहित्य व संस्कृति की भी अपनी एक अलग पहचान है। यह बातें रविवार को विंध्याचल स्थित रोडवेज बस स्टैंड परिसर में आयोजित दो दिवसीय विंध्य धाम संगीत-नृत्य उत्सव के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) महिला कल्याण एवं संस्कृति विभाग श्रीमती अरुण कुमारी कोरी ने कही।
दीप प्रज्ज्वलन कर संगीत-नृत्य उत्सव समारोह का शुभारंभ करने के बाद मुख्य अतिथि ने कहा कि यह कार्यक्रम अवधी और भोजपुरी कलाकारों को दिया जाने वाला एक मंचीय प्रयास है। मां विंध्यवासिनी के पावन चरणों में समर्पित यह कार्यक्रम भक्ति-भाव से ओतप्रोत है। कहा कि हमारा उत्तर प्रदेश राज्य धार्मिक, संास्कृतिक दृष्टि से भारत का प्राण है। यहां की संस्कृति व परंपरा का प्रभाव सारी दुनियां में जगह-जगह दिखाई पड़ता है। उन्होंने कहा कि विंध्याचल मंदिर के आसपास के मंदिरों के विकास के लिए मुख्यमंत्री जी से बात कर धन आवंटन कराएंगी ताकि विंध्याचल का सर्वांगीण विकास हो सके। इस अवसर पर जिलाधिकारी गोविंद राजू एनएस ने सभी अतिथियों व कलाकारों का स्वागत करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम मां विंध्यवासिनी के पावन चरणों में समर्पित है।
दो दिवसीय संगीत नृत्य उत्सव की प्रथम निशा पर लखनऊ से पधारे भजन गायक अग्निहोत्री बंधु ने- जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा.. सहित अपने कई भजनों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। कथक केंद्र, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ की पेशकश नृत्य नाटिका की उम्दा प्रस्तुति ने दर्शकाें पर अमिट छाप छोड़ी। इसी क्रम में वाराणसी के मंगला विश्वकर्मा ने अपने कजरी गायन से कार्यक्रम को सावनमय बना दिया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र पांडेय, एडीएम, सीओ सिटी नगर व विंध्याचल, नगर मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर, सपा जिलाध्यक्ष आशीष यादव, राज्य मंत्री के प्रतिनिधि डा. अरविंद श्रीवास्तव, विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष राजन पाठक सहित तमाम गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।