मिर्जापुर। बिना जिला स्वास्थ्य समिति के अनुमोदन के सीएमओ ने तीन मदाें में लाखाें रुपये का गोलमाल करते हुए भुगतान कर दिया। मामला प्रकाश में आते ही जिलाधिकारी ने शासन को पूरी स्थिति से अवगत कराते हुए सीएमओ के खिलाफ जांच कराने के लिए पत्र लिखा है।
जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने बताया कि जिला स्वास्थ्य समिति के वह अध्यक्ष हैं। बिना अध्यक्ष की अनुमति लिए मुख्य चिकित्साधिकारी डा. उमेश यादव ने कुछ महीनेे पहले विभाग में कई संविदा चालकाें की भर्ती कर ली। इतना ही नहीं उन्होंने चालकाें के मानदेय का भुगतान भी कर दिया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश एंबुलेंस सेवा को संचालित करने के लिए कोई बजट नहीं होने के बावजूद नौ लाख रुपये के डीजल का भुगतान कर दिया गया। इसमें में भी उन्होंने समिति की अनुमति लेना जरूरी नहीं समझी। वहीं जेनरेटर को संचालित करने के लिए सीएमओ ने बिना समिति के अनुमोदन के ही चार लाख रुपये का डीजल के बिल का भुगतान कर दिया। मामला तब संज्ञान में आया जब उन्होंने पिछले दिनाें समीक्षा बैठक की। जानकारी होते ही उन्होंने तत्काल शासन को मामले से अवगत कराया। साथ ही पूरे मामले की जांच कराकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।