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तेज आंधी से तीन नावें बहकर किनारे लगीं

Fri, 16 May 2014 05:30 AM IST
Mirzapur
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मिर्जापुर। नेवढ़िया घाट पर हुए नाव हादसे को बीते अभी एक सप्ताह भी नहीं हुआ है, लेकिन गंगा में एक बार फिर ओवरलोड नावों का संचालन धड़ल्ले से शुरू हो गया है। बावजूद इसके जिला प्रशासन इस पर रोक नहीं लगा पा रहा है। बुधवार को सायंकाल करीब साढ़े पांच बजे आई तेज आंधी से तीन ओवरलोड नावें बहकर काफी दूर जाने के बाद किनारे लगीं। शुक्र था कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, नहीं तो बुधवार की शाम भी कई घराें में मातम पसरा रहता।
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बुधवार की सायंकाल कचहरी घाट और नार घाट से यात्रियों को लेकर चली नावें तेज आंधी के चलते बीच मझधार में नाव हिचकोले लेने लगीं। हालांकि नाविकों की सूझबूझ से किसी तरह नाव को गंगा किनारे पहुंचाया गया, तब जाकर यात्रियाें की जान में जान आयी। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो तेज चल रही हवा के दबाव में सवारियाें से भरी नाव अपने निर्धारित घाट से बहते हुए करीब सौ मीटर की दूरी पर पहुंच गईं थी। किसी तरह से सकुशल गंगा किनारे पहुंचने पर कोई यात्री मां विंध्यवासिनी देवी का दर्शन-पूजन करने तो कोई गंगा पूजन कराने की बात कर रहा था। लेकिन लगातार संचालित की जा रही ओवरलोड नाव पर जिला प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा हैै। मानक के अनुरूप नावाें का न होना तथा सही ढंग से संचालन के लिए मात्र कागजी कोरम पूरा होने के चलते प्रतिवर्ष कोई न कोई बड़ा नाव हादसा हो जाता है। जिसके बाद जिला प्रशासन नाविकाें की गलती बताते हुए अपना पल्ला झाड़ लेता है।
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