मिर्जापुर। जिले में मनरेगा और इंदिरा आवास योजनांतर्गत 10 लाख या उससे ऊपर की धनराशि खर्च करने वाले ग्राम सभाओं की सोशल आडिट अब ग्रामीणों द्वारा ही होगी। यह कार्य तीन जनवरी से शुरू होकर 28 फरवरी तक चलेेगा। इसके बाद ग्रामवार सुपरवाइजर के रूप में नामित जनपद स्तरीय अधिकारी बैठक के बाद रिपोर्ट उच्चधिकारियों को सौंपेंगे।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम और इंदिरा आवास योजनांतर्गत गांवों में हुए विकास कार्याें में और पारदर्शिता लाने का जिला प्रशासन द्वारा निर्णय लिया गया है। इसके लिए प्रत्येक ग्रामवार सुपरवाइजर के रूप में जनपद स्तरीय अधिकारियों को नामित कर दिया गया है। साथ ही ग्राम सभा स्तर पर पांच ग्रामीणों की टीम बनाई गई हैं। जिसके द्वारा दूसरे गांवों में जाकर उक्त योजनाओं के कार्याें की जांच की जाएगी। इसके बाद उक्त जांच रिपोर्ट को ग्राम सभा के बैठक में टीम द्वारा सार्वजनिक रूप से पढ़ा जाएगा। उक्त बैठक में सोशल आडिट के कार्याें के लिए सुपरवाइजर के रूप में जनपद स्तरीय अधिकरी भी उपस्थित रहेंगे।
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60 ग्रामसभा का हुआ चयन
मिर्जापुर। जिले में 10 लाख या उससे ऊपर की धनराशि खर्च करने वाले ग्राम सभाओं के चयन का कार्य पूरा नहीं हुआ है। अभी तक 60 ग्राम सभाओं का ही चयन किया गया है। जिनमें सोशल आडिट कराने की तैयारी की जा रही है।
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10 लाख या उससे ऊपर की धनराशि खर्च करने वाले ग्राम सभाओं के चयन का कार्य चल रहा है। शीघ्र उसे पूरा कर लिया जाएगा। ग्राम सभाओं में सोशल आडिट का कार्य तीन जनवरी से 28 फरवरी तक चलेगा। वंशीधर सरोज, जिला विकास अधिकारी