मिर्जापुर। अब बीएसए समस्त विद्यालयाें पर जाकर बच्चाें के साथ एमडीएम चख उसकी गुणवत्ता जांचेंगे। इसके अलावा समस्त डीसी भी सप्ताह में 15 स्कूलाें का निरीक्षण कर मध्याह्न भोजन को चख कर गुणवत्ता बताएंगे। उक्त आदेश सोमवार को प्रमुख सचिव रेशम) ने बेसिक शिक्षा विभाग के निरीक्षण के दौरान दिया।
प्रमुख सचिव रेशम नवतेज सिंह सोमवार की शाम करीब चार बजे बेसिक शिक्षा विभाग का निरीक्षण करने पहुंचे। एमडीएम में गड़बड़ी व संचालन में लापरवाही संबंधी खबर सोमवार को ‘अमर उजाला’ में प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी। इसे संज्ञान में लेकर प्रमुख सचिव ने निर्देशित किया कि बीएसए एमडीएम के संचालन पर निगाह रखते हुए बच्चाें के साथ बैठकर भोजन करें तभी उसके गुणवत्ता की जांच होगी। सभी स्कूलाें के बाउंड्रीवाल, शौचालय, पानी आदि की व्यवस्था करने को कहा। नगर के स्कूलाें में अच्छे अध्यापकाें को रखने का निर्देश दिया। यह भी निर्देशित किया कि नगर में यह ध्यान दें कि आधा या अधिकतम एक किलोमीटर की दूरी के अंदर ही स्कूल हाें। कक्षाें का निरीक्षण करने पर उन्होंने लेखाधिकारी लिपिक के कक्ष में कई गड्ढे देखे। साथ ही आंगन में पान की थूक देख वह भड़क गए। प्रमुख सचिव के तेवर को देख जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को कार्यालय में साफ-सफाई रखने का निर्देश दिया। चेतावनी दी कि दोबारा गंदगी दिखने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मीटिंग हाल में उर्दू की किताबें बोरा में भरकर रखे जाने के बारे में पूछताछ की तो बीएसए ने बताया कि दो दिन पहले ही सारी किताबें आई हैं। सत्यापन कराकर विद्यालयाें को भेज दी जाएंगी। उन्होंने बीएसए को कार्यालय में तैनात लोगाें के कार्यों की समीक्षा करते रहने तथा योजनाओं के बारे में जानकारी लेने का निर्देश दिया। इस दौरान जिलाधिकारी अनिल ढींगरा, सीडीओ विवके पांडेय, सीआरओं लालमणि मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट दयाशंकर पांडेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।