मिर्जापुर। शास्त्री सेतु की मरम्मत करने के लिए महज 74 लाख रुपये की दरकार है लेकिन शासन उसे देनेे से इंकार कर रहा है। उनका मानना है कि पुल पूरी तरह से ठीक है। उसकी मरम्मत की जरूरत नहीं है। जबकि विभाग का कहना है कि पुल जर्जर है, उसकी मरम्मत कराने की जरूरत है, तभी उस पर से भारी वाहन का आवागमन चालू हो पाएगा।
बता दें कि जनपद में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के अलावा जनपद में पांच विधायक छानबे, नगर, मझवां, मड़िहान और चुनार तथा दो एमएलसी मौजूद है । महीनों से शास्त्री सेतु की मरम्मत के नाम पर बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दिया गया है। इससे पूरा जनपद जाम की झाम से जूझ रहा है। हर तरफ ट्रकों की कतारें लग रही हैं। व्यापारियों और शासन को प्रतिदिन लाखों का राजस्व का घाटा तो हो रहा है। छात्र-छात्राओं का भी जाम के चलते भविष्य चौपट हो रहा है। बता दें कि लोक निर्माण विभाग ने शास्त्री सेतु को जर्जर बताते हुए बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दिया था। पुल से बड़े वाहनों के आवागमन के लिए पुल की मरम्मत कराने की मांग की थी। मरम्मत के लिए 74 लाख रुपये की दरकार है लेकिन शासन उसे जारी नहीं कर रहा है। पिछले दिनों जनपद में आए लोक निर्माण मंत्री केशव प्रसाद मौर्या के सामने इस प्रस्ताव को मजबूती से नहीं रखा, जिससे वह पैसे का पास कराने का आदेश दे सके। कुछ दिनों तक यही हाल रहा तो जनपद में खाद्य पदार्थ पर भी गहरा असर पड़ेगा। आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य नहीं होती है तो जनपद में लोगों को गैस सिलेंडर नहीं मिल पाएंगे।
यह मामला मेरे संज्ञान में है। इसे लेकर मैं काफी गंभीर हूं। समस्या का हल निकालने के लिए प्रदेश सरकार से बात की जाएगी। - अनुप्रिया पटेल, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री
शास्त्री सेतु की मरम्मत के लिए 74 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन के पास भेजा गया था। लेकिन उच्चाकारियों ने पुल को ठीक बताते हुए पैसा जारी करने से इंकार कर दिया। - रमेश राम, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग