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दूसरे दिन साढ़े पांच सौ मरीजों ने कराया पंजीयन, डेढ़ में मोतियाबिंद पाया गया

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मिर्जापुर। लाइफ लाइन एक्सप्रेस में विश्व ख्याति प्राप्त कर चुके चिकित्सकों से अपना इलाज कराने के लिए जिले के मरीजों की दूसरे दिन भी जिला चिकित्सालय के नए भवन में रजिस्ट्रेेशन कराने के लिए भारी भीड़ लगी रही। दूसरे दिन करीब साढ़े पांच सौ मरीजों ने अपने आंख का आपेशन कराने के लिए पंजीयन कराया। जिसमें लगभग डेढ़ सौ मरीजों में मोतियाबिंद रोग पाए जाने पर उनका आपरेशन करने के लिए चयन किया गया। इस दौरान चिकित्सक व अन्य कर्मचारी मरीजों का इलाज करने में लगे रहे। सीएमओ डा. उमेश यादव खुद नए भवन में पहुंच कर चिकित्सीय सुविधा का जायजा लेते रहे।
दूसरे दिन लाइफ लाइन एक्सप्रेस में आंख के चिकित्सकों द्वारा लगभग 175 मरीजों के मोतियाबिंद रोग का आपरेशन किया गया। आपरेशन के बाद मरीजों को एंबुलेंस से जिला चिकित्सालय के नए भवन में भर्ती किया गया। जहां एक सप्ताह तक उनका मुफ्त में इलाज किया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें मुफ्त में भोजन भी दिया जाएगा। लाइफ लाइन एक्सप्रेस में 29 अगस्त से एक सितंबर तक आंख के रोगियों का इलाज किया जा रहा है। इनमें मोतियाबिंद का रोग पाए जाने पर लाइफ लाइन एक्सप्रेस में आपरेशन करने के लिए चिन्हित किया जा रहा है। इसके लिए जिला चिकित्सालय के नए भवन में मरीजों द्वारा रजिस्ट्रेशन करा कर जांच कराई जा रही है। जांच के दूसरे दिन बुधवार को नगर के इटवा स्थित अंबेडकर नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर की अंकिता यादव अर्चना पटेल, रितू मौर्या मोहन लाल, राहुल पांडेय द्वारा मरीजों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा था। यहीं नहीं उन्हें परेशानी होने पर जागरूक भी कर रहे हैं। वहीं ओपीडी में चिकित्सकों के अलावा सुमन, जय प्रकाश, आलोक कौशल, साधना भारती, अमरनाथ व इंद्रलाल जांच में अपना सहयोग प्रदान कर रहे थे। वहीं लोगों को नशा से निजात दिलाने के लिए अंशु सूरी, मधु मित्रा द्वारा मरीजों को जागरूक किया गया।
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इनसेट
जागरुकता के अभाव में भटक रहे हैं मरीज
जागरुकता की कमी के चलते मरीज पेट दर्ज, सिर दर्द, हाइड्रोसील व सीने के दर्द का भी इलाज कराने चले आ रहे हैं। कुछ तो डायरिया के मरीज भी पहुंच जा रहे हैं। जिससे उनको इधर उधर भटकना पड़ रहा है। काफी परेशान होने के बाद जब उन्हें बताया जा रहा है कि केवल आंख, कान, दांत, मिर्गी, स्त्री रोग, परिवार नियोजन, पोलियों व कैंसर के रोगियों का इलाज होगा तो तब वह जिला चिकित्सालय में जाकर अपना इलाज करा रहे हैं।
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