मिर्जापुर। लगातार दूसरे दिन भी नगर छह घंटे तक जाम रहा। घंटों लगे जाम के इस झाम में जिलाधिकारी, पूर्व राज्यमंत्री कैलाश चौरसिया और यातायात पुलिस भी फंसी रही लेकिन जाम नहीं खुला। तीन एंबुलेंस भी मरीजों को लेकर जाम के चलते अस्पताल देरी से पहुंचे। भीषण जाम को देखकर यातायात प्रभारी राजेश चौबे अपनी फोर्स लेकर खुद सड़क पर उतरकर जाम खुलवाने उतरे तब जाकर जाम से कुछ देर के लिए निजात मिला लेकिन फिर जाम लग गया।
पुलिस की लाख कवायद के बाद भी पिछले दो दिनों से लगातार नगर की सड़कों पर जाम लग रहा है। सुबह आठ बजे से लेकर दोपहर तीन बजे तक नगर की हर सड़क जाम हो जा रही है। सबसे अधिक तहसील चौराहा, रोडवेज तिराहा, रमईपट्टी तिराहा, सिविल लाइन रोड, अस्पताल रोड, घंटाघर तिराहा, पक्केघाट, लालडिग्गी, मुकेरीबाजार, संगमोहाल रोड आदि स्थानों पर जाम लगा रहा है। इन स्थानों पर यातायात पुलिस तैनात किए जाने के बावजूद लोगों को जाम से निजात नहीं मिल पा रहा है। राहगीर घंटों जाम में फंसकर परेशान हो रहे हैं। स्कूली बच्चे भी जाम में फंसकर भूख से तड़पने के लिए विवश रहते हैं। मंगलवार को सिविल लाइन से लेकर भरूहना चौराहे और रोडवेज तिराहे तक जाम लगा रहा। इस जाम में जिलाधिकारी अनुराग पटेल खुद रमईपटटी तिराहे पर फंस गए। जिनको घंटों जाम के झाम से जूझना पड़ा। स्टेशन रोड स्थित अपने कैंप कार्यालय निकलकर पार्टी के जिला कार्यालय पर आ रहे सपा शासन के पूर्व राज्यमंत्री कैलाश चौरसिया भी शुक्लहा के पास जाम में फंस गए। उनके पीछे आ रहे यातायात प्रभारी राजेश चौबे भी जाम के झाम में फंस रहे। भीषण जाम के चलते कचहरी रोड पर तीन एंबुलेंस भी मरीजों को लेकर फंसी रही। मरीज दर्द से तड़पते रहे लेकिन वह अस्पताल तक नहीं पहुंच पाए।