मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश जल निगम समन्वय समिति के आह्वान पर जल निगम कर्मियों का अधिशासी अभियंता कार्यालय अभाव शाखा परिसर में धरना प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहा। जल निगम के कर्मचारी जल निगम को लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग बनाने और सातवें वेतनमान सहित अन्य सुविधाओं के लागू करने की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। मांगों पर विचार नहीं किए जाने पर उनमें रोष है।
धरने के दौरान शुक्रवार को भी कर्मचारियों ने जल निगम को लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग बनाने की मांग की। डिप्लोमा इंजीनियर्स संगठन के महामंत्री गौरीशंकर सिंह कुशवाहा ने कहा कि जल निगम के प्रशासकीय विभाग बनने से कर्मचारियों को काफी लाभ मिलेगा। प्रशासकीय विभाग नहीं बनने के चलते कर्मचारियों को समय से वेतन, वेतनमान का लाभ, पेंशन आदि का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उत्तर प्रदेश की 23 करोड़ आबादी के समक्ष शुद्घ पेयजल के संकट, जल निगम को पूर्व की भांति प्रशासकीय विभाग बनाया जाए। कहा कि पेयजल व स्वच्छता सेक्टर का अलग प्रशासकीय विभाग और मंत्रालय बनाने से जहां एक तरफ प्रदेश की जनता को पाइप पेयजल योजना द्वारा घर घर को शुद्घ पेयजल उपलब्ध होगा। जल निगम के कर्मचारियेें की वेतन और पेंशनसंबंधी समस्याओं का समाधान होगा। लखनऊ जल निगम मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन क्रमिक धरना प्रारंभ किया जाएगा। इस दौरान प्रवक्ता संजय कुमार जायसवाल, उदयनाथ सिंह यादव, श्याम बच्चन सिंह ने सुनील कुमार सिंह, आरसी मौर्य, मंजीत कुमार, यशवंत प्रजापति, प्रवीण चौरसिया ने अपने विचार व्यक्त किया। इस दौरान विनित उपाध्याय, अरूण कुमार, नर्वदेश्वर, दिनेश कुशवाहा, मो. आशाफ खां, अरूण श्रीवास्तव, छोटेलाल यादव मौजूद रहे।