मिर्जापुर, जमालपुर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मानदेय बढ़ाने के लिए आंदोलन पर हैं। इससे ब्लॉकों से पोषाहार का उठान और वितरण नही हो पा रहा है। जमालपुर में शनिवार को मुख्य सेविका द्वारा कुछ जबरन पोषाहार देने का आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध किया। एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पति हस्तक्षेप किया तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। मामले की जानकारी होने पर पहुंची पुलिस आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को हिरासत में ले लिया और बाद में छोड़ दिया।
ब्लॉक अध्यक्ष साधना सिंह ने कहा कि सुपरवाइजर जानबूझ कर कर संगठन में फूट डालने की कोशिश कर रही हैं, जिसे बरदाश्त नहीं किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 15 हजार होने तक आंदोलन जारी रहेगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मुख्य सेविका द्वारा पैसे की मांग की जाती है एवं पोषाहार में वसूली की जाती है। उनके द्वारा नौकरी से बर्खास्त करवा देने की धमकी दी जाती है। प्रदेशव्यापी हड़ताल के क्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लगातार 23 अक्टूबर से हड़ताल पर हैं। प्रीति मिश्रा, साधना पांडेय, ममता, राधिका, अंजू, लक्ष्मीना, गुलाबी, चंद्रतारा, विद्या, मनोरमा, हीरावती, सुशीला, रीमा, मीना, सुमन, सरोज आदि मौजूद रहीं। वहीं विकास खंड कोन की महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में शनिवार को अपनी मांगों को लेकर ब्लॉक अध्यक्ष शकुंतला दुबे के नेतृत्व में आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कार्यालय का घेराव किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारा लगाया। इस दौरान सरिता उपाध्याय, रेनू देवी, सुनीता देवी, सविता देवी, उर्मिला देवी, पिंकी विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे। इसी प्रकार सभी ब्लॉकों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मांगों को लेकर कलमबंद हड़ताल कर रही है। इसी तरह पहाड़ी ब्लॉक में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगों को बुलंद किया।