जिगना। पटना से मुंबई जा रही पाटलीपुत्र एक्सप्रेस 12142 ट्रेन सोमवार की शाम चार बजे बर्निंग ट्रेन बनने से बच गई। यह ट्रेन मिर्जापुर से बीस किलोमीटर आगे गैपुरा और जिगना के बीच बरी दुबे गांव के पास पहुंची ही थी कि ट्रेन की चपेट में आकर एक गाय ओएचई लाइन के खंभे के स्टे तार से टकरा गई। इसके चलते तार टूट कर ट्रेन के इंजन में फंस गया। इसकी जानकारी होते ही यात्रियों में अफरातफरी मच गई और बोगियों से कूदने लगे। मौके पर पहुंचे इंजीनियर एसके अकेला ने तार कटवाकर दो घंटे बाद ट्रेन को आगे रवाना किया। इस रूट परिचालन देर शाम तक बाधित रहा। गनीमत थी कि डाउन लाइन पर यातायात बंद था अन्यथा बड़ी घटना हो जाती।
पाटलीपुत्र एक्सप्रेस ट्रेन सोमवार को पटना से लोकमान्य तिलक मुंबई जा रही थी। यह ट्रेन पंडित दीन दयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन से दोपहर दो बजे मुंबई के लिए रवाना हुई। शाम करीब साढ़े चार बजे जैसे ही ट्रेन मिर्जापुर रेलवे स्टेशन से 20 किलोमीटर आगे बढ़ी कि गैप़ुरा और जिगना बीच बरी दुबे गांव के सामने पोल संख्या 758 के पास एक गाय ट्रेन की चपेट में आने के बाद रेलवे लाइन किनारे लगे पोल के स्टे तार से टकरा गई। इससे शार्टसर्किट होने के कारण ओएचई तार तार टूट कर ट्रेन के इंजन पर गिर गया। इंजन में तार फंसते के कारण ट्रेन करीब छह पोलों के तार को तोड़ते हुए पोल संख्या 758 के 19 के पास आकर रुक गई। इसकी जानकारी होते ही यात्रियों में अफरातफरी मच गया। यात्री बोगियों से कूद कर भागने लगे। यह देख जुटे ग्रामीण यात्रियों की मदद करने लगे। जब यात्रियों को पता चला कि ट्रेन में करेंट नहीं आया है तो उन्होंने राहत की सांस ली। पोल संख्या 757 के 25 से लेकर 758 के पांच तक सात पोलों के तार टूटे है । ट्रेन के चालक और गार्ड कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं। शाम 5.40 पर टीम के साथ आई निरीक्षण यान ने तार को इंजन से काट कर हटाया। घटना की सूचना पर आरपीएफ प्रभारी सत्येंद्र यादव अपनी टीम के साथ पहुंच गए। गांव वालों का कहना था कि रविवार को रेलवे के कर्मचारी आकर तार को ठीक करके गए थे।