मिर्जापुर। बारिश के चलते सड़कों पर फिर गड्ढे बन गए हैं जिससे विंध्य धाम में दर्शन पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं समेत शहर के लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शास्त्री सेतु के नीचे से विंध्याचल धाम की तरफ जाने वाली सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। एक माह पहले ही सड़कों की मरम्मत की गई थी लेकिन सड़कों की गिट्टियां उखड़ गई हैं और जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं।
बारिश के दिनों में सड़क के बीच गड्ढों में पानी भर जाने से लोग आए दिन दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। क्षतिग्रस्त विंध्याचल मार्ग पर लोहिया तालाब, ओझला पुल, दूधनाथ तिराहा, कंतित, बरतर तिराहा सहित सीताकुंड व अष्टभुजा मार्ग से गुजरना श्रद्घालुओं के लिए कष्टदायक साबित हो रहा है। विंध्याचल जाने वाले इन प्रमुख मार्गों पर हर छह महीने बाद आने वाले नवरात्र के पूर्व संबंधित विभाग द्वारा जगह-जगह चकती लगाकर मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती है जिससे बारिश के दिनों में सड़क गड्ढों के रूप में तब्दील हो जाती है। ध्वस्त व गड्ढायुक्त सड़कों के कारण देश के कोने-कोने से विंध्यधाम पहुंचने वाले भक्तों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। नवरात्र के अलावा देवी के धाम में रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्घालु पहुंचते हैं, बावजूद इसके ध्वस्त सड़कों की मरम्मत कराने के लिए संबंधित विभाग की तरफ से किसी प्रकार की पहल नहीं की जा रही है। बता दें कि इन प्रमुख क्षतिग्रस्त मार्गो पर कई स्कूल भी संचालित होते हैं। सड़कों की दशा अत्यंत खराब होने के कारण बच्चों को स्कूल से घर और घर से स्कूल आने-जाने में हिचकोले खाना पड़ता है। गड्ढायुक्त सड़कों पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों में बारिश के मौसम में पानी भर जाता है, जिससे आए दिन छोटे-बड़े वाहन गड्ढों में फंसकर गिर जाते हैं, जिससे मां के भक्तजन घायल भी होते रहते हैं, बावजूद इसके महकमा ध्वस्त सड़कों की मरम्मत कराने की पहल नहीं कर रहा है।