स्कूल वाहनों की जांच करते अधिकारी
मिर्जापुर। एआरटीओ प्रवर्तन यूबी सिंह और प्रशासन अल्का शुक्ला के नेतृत्व रविवार को स्कूल वाहनों की चेकिंग की गई। इस दौरान 105 स्कूल वाहनों के कागजातों की जांच की गई। इसमें छह वाहन पूरी तरह से अनफिट पाए गए जबकि 17 वाहनों में कुछ कमियां पाई गईं। इसके बाद अधिकारियों ने वाहन चालकों और स्कूल के प्रबंधकों को नोटिस भेजकर वाहन की तकनीकी खामियों को दूर कराने का निर्देश दिया। कहा कि दूसरी बार जांच में गड़बड़ी मिलने पर केस दर्ज कराया जाएगा।
एआरटीओ यूबी सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों में चलने वाले अनफिट वाहनों के विरुद्घ अभियान चलाकर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद शासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेकिंग कर ऐसे वाहनों को सीज करने का निर्देश दिया है। उसी के तहत आठ और 15 को स्कूल वाहनों की चेकिंग कर उनके कागजातों को दिखाने को कहा। रविवार को नगर मड़िहान और चुनार के स्कूलों में चलने वाले वाहनों को अपने सारे कागजात के साथ विभाग में बुलाया गया। शाम तक लगभग 105 वाहन अपना अपना कागजात लेकर पहुंचे। जिनको यूबी सिंह एंव एआरटीओ प्रशासन अल्का शुक्ला तथा आरआई ओपी सिंह द्वारा चेक किया गया। जिसमें पाया गया कि गुरु नान्हक स्कूल की तीन गाड़ियों में इंडीकेटर नहीं था। इसके अलावा अन्य स्कूल के दो वाहनों में इमरजेंसी खिड़की नहीं था। किसी में इंडीकेटर नहीं पाया गया तो किसी में लाइट नहीं थी। अधिकांश वाहनों में सीट बेल्ट नहीं था। सात वाहनों में आगे पीदे इंडीकेटर नहीं लगा था। चार गाड़ियों स्पीड डोनर नहीं थे। वहीं 12 गाड़ियों में फस्ट स्टेट बाक्स नहीं पाया गया। एआरटीओ प्रशासन अल्का शुक्ला ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि कोई भी वाहन अनफिट है तो उसके चालक व वाहन मालिक तथा स्कूल के प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर उसके विरुद्घ कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि समस्त वाहन मालिक व स्कूल प्रबंधन अपने यहां चलने वाले स्कूलों को पूरी तरह से फिट रखे तभी उन्हेें चलने दिया जाएगा अन्यथा उनके विरुद्घ कार्यवाही की जाएगी। बताया कि 15 को लालगंज, अदलहाट, जमालपुर, छानबे, हलिया आदि स्थानों की गाड़ियों को चेकिंग के लिए बुलाया गया है।