मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कामेश्वरनाथ सिंह ने जनपद के केंद्रों का भ्रमण किया। इसके बाद पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि मिर्जापुर और सोनभद्र संभावनाओं वाला क्षेत्र है। सोनभद्र से चार राज्य उत्तर प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, बिहार की सीमाएं मिलती है। तमाम कार्यक्रमों की बजाए सोनभद्र जनपद साक्षरता खासकर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है। सोनभद्र में एक ऐसा वर्ग रहता जो नियमित कक्षा में नहीं जा सकता है। ये वर्ग रोजमर्रा के कार्यो में व्यस्त रहते है। इनमें उच्च शिक्षा ग्रहण करने की एक लालसा बनी रहती है। उच्च शिक्षा से वंचित वर्ग के लिए राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के माध्यम से अध्ययन केंद्रों को खोलना हमारी प्राथमिकता है। जिससे यह क्षेत्र भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सके। क्षेत्रफल की दृष्टि से काफी विकसित क्षेत्र है। अध्ययन केंद्रों के माध्यम से उस वंचित वर्ग तक उच्चशिक्षा को मुहैया कराने के लिए महाविद्यालयों से संपर्क किया जा रहा है। सोनभद्र में पहले एक क्षेत्रीय केंद्र खुला था, जो बाद में बंद हो गया है, जिसको पुन: संचालित करने का प्रयास किया जा रहा है। केंद्रों पर जीएसटी सहित रोजगारपरक विषयों को संचालित किया जा रहा है। इससे व्यापारियों को बहुत सुविधा होगी और जीएसटी की विधा से परिचित हो सकेंगे। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन ओपेन यूनिवर्सिटी जीएसटी पर डिप्लोमा कोर्स संचालित किया जाएगा। इस दौरान श्याम सुंदर केसरी मौजूद रहे।