मिर्जापुर। बीएचयू के बरकछा स्थित राजीव गांधी दक्षिणी परिसर में चल रहे दीनदयाल उपाध्याय कौशल केंद्र के दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का मंगलवार को समापन हुआ। इसमें ग्यारह देशों के छह सौ प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान दो सौ शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। विविध विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुत करने वाले शोधकर्ताओं को पुरस्कृत किया गया।
डीडीयू कौशल केंद्र एवं आईआईटी बीएचयू के मालवीय सेंटर फार इनोवेशन, इनक्यूवेशन एंड आंट्रेप्रेन्योरशिप के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सेमिनार में मेडिकल, फूड, फार्मा व कृषि प्रौद्योगिकी की संभावनाओं पर मंथन किया गया। मुख्य अतिथि मिसीसियी विश्वविद्यालय अमेरिका के डॉ. असेम सुरेंद्रो सिंह ने महामना पं. मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर सेमिनार के समापन समारोह की शुरूआत की। विशिष्ट अतिथि ओसुन विश्वविद्यालय नाईजीरिया के डॉ. चार्ल्स अडेटुंजी ने सेमिनार की सफलता के लिए बधाई दी। उपासला विश्वविद्यालय स्वीडन की प्रो. मैरी ऐलेन ने कहा कि मेडिकल, फूड और फार्मा में भारत ने हाल के वर्षों में काफी प्रगति की है। पोषणयुक्त खाद्य पदार्थों को मुहैया कराने में तकनीक एवं शोध की जरूरत है। आचार्य प्रभारी प्रो. साकेत कुशवाहा, नोडल अधिकारी डॉ. रत्न शंकर मिश्र ने सेमिनार के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। इस दौरान प्रो. एसके स्वाइन ने शोध पत्रों को नीति नियंताओं के सामने रखा। सचिव डा. राघवेंद्र रमन मिश्र ने धन्यवाद दिया जबकि संचालन सुश्री प्रियंका ने किया। इस दौरान डा. मनोज कुमार सिंह, डा. अनिल कुमार सिंह, डा. नवीन कुमार, डा. अपूर्व मुखर्जी, डा. कौस्तव चटर्जी, डा. कृष्ण कांत, डा. रजनी श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।