राजगढ़। मड़िहान थाना क्षेत्र के करौदा गांव में शुक्रवार की रात आठ बजे घर में घुसे मगरमच्छ को देखकर लोग भयभीत हो गए। परिवार के लोगों के शोर करने पर पूर्व प्रधान वासुदेव मौर्य ने यूपी हंड्रेड पुलसि को सूचना दी। शोरगुल सुनकर मगरमच्छ एक खेत में चला गया। ग्रामीण चारों तरफ से लाठी डंडे और टॉर्च लेकर पहरेदारी में खड़े रहे। पुलिस पहुंचने पर वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना पर पहुंचे वन कर्मियों ने रात ढाई बजे मगरमच्छ को अपने कब्जे में लिया और उसे सिरसी बांध में छोड़ दिया।
ग्रामीणों के अनुसार हनुमान प्रसाद मौर्य निवासी करौदा के घर में रात लगभग आठ बजे के आसपास एक मगरमच्छ घर के अंदर घुसने लगा। मगरमच्छ देखते ही परिवारीजन की डर के मारे घिग्घी बंध गई और शोरगुल मचाने लगे। पूर्व प्रधान वासुदेव मौर्य के सूचना पर पहुंची 100 नंबर की पुलिस ने इसकी सूचना वन विभाग कर्मियों को दिया। वन विभाग के कर्मी देर रात लगभग दो बजे के आस पास पहुंचे तब तक ग्रामीण भयभीत होने के साथ ही चारों तरफ से टॉर्च जलाकर मगरमच्छ के निगरानी में लगे रहे। आसपास के घरों पर बच्चे भयभीत थे इसलिए सो भी नहीं पा रहे थे। बताया गया कि मगरमच्छ को वन कर्मियों ने रस्सी के सहारे उसे बांधकर अपने कब्जे में लिया। रस्सी में बांधने के बाद एक वाहन में रखकर उसे सिरसी बांध में छोड़ने के लिए ले गए। मगरमच्छ को देर रात्रि तक पहरेदारी करने वालों में माता प्रसाद सिंह, हनुमान प्रसाद मौर्य , राजेश मोर्य, वासुदेव मौर्य, वेद प्रकाश शुक्ला , रामनरेश , अरविंद मोर्य , कृष्ण कुमार शुक्ला, जगत प्रसाद, श्रीराम, पुनवासी, भाईलाल, राजकुमार पटेल, राम सागर, वीरेंद्र मौर्य, गुड्डू भारती आदि सहित सैकड़ों की संख्या में लोक टॉर्च जलाकर खड़े रहे ताकि मगरमच्छ कहीं भाग ना सके।