मिर्जापुर। तीर कमान से लैस भारतीय गोंडवाना पार्टी के सदस्यों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और गोंड जाति के लोगों को अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र देने की मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
प्रदर्शन के बाद आयोजित सभा में मुख्य वक्ता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा. गणेश गोंड ने कहा कि अनुसूची पांच लागू होने से आदिवासियों को संवैधानिक अधिकार मिल जाएगा। विशिष्ट अतिथि विजय सिंह मरकाम ने कहा कि वर्ष 1931 से 1941 तक भारत की जनगणना सूची में गोंड जनजाति को ट्राइब लिखा है लेकिन वर्ष 1951 में ट्राइब शब्द हटा कर हिंदू लिख दिया गया। जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र ध्रुव ने कहा कि 70 वर्षों से आदिवासियों के मौलिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। निर्दोष आदिवासियों नक्सली बना कर एनकाउंटर किया जा रहा है। आदिवासी क्षेत्रों में महिलाओं का शारीरिक उत्पीड़न किया जा रहा है। इन पर रोक लगा कर गोंड समाज को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिया जाना चाहिए। प्रदर्शन करने वालों में राजेंद्र कुमार गोंड, विजयलाल गोंड,शांति सरोज, रेखा सरोज, कविता कुमारी, रामबली गोंड, होरीलाल गोंड, रंगलाल गोंड, हरिशंकर पाल, फेंकू पाल आदि शामिल रहे।