विंध्याचल में दर्शन को उमड़ी भीड़
विंध्याचल। फागुन कृष्ण पक्ष की सप्तमी पर बुधवार को दो लाख श्रद्धालुओं ने मां विंध्यवासिनी के दरबार में मत्था टेका और सुख समृद्धि की कामना की। भोर से ही धाम में देश के कोने कोने से आए श्रद्धालु कतार में लग गए थे। मंगला आरती के दौरान भक्तों ने मां का जोरदार जयकारा लगाया।
धाम की सभी गलियों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने मां विंध्यवासिनी के भव्य स्वरूप का दर्शन पूजन कर मंगल कामना की। इस दौरान मां विंध्यवासिनी का तरह तरह के पुष्पों से शृंगार किया गया था। इसके बाद मां का भव्य रूप का दर्शन कर भक्त निहाल हो गए। गंगा घाटों पर गंगा स्नान करने वालों का तांता लगा रहा। इसके अलावा भक्तों ने मां काली, मां अष्टभुजा देवी के दरबार में पहुंच कर दर्शन पूजन किया। मंदिर की छत पर नाई समाज मुंडन संस्कार कराने में मशगूल दिखा। वहीं जगह-जगह वैदिक मंत्र उच्चारण के बीच जनेऊ संस्कार भी होते रहे। मंदिर के गुंबद व हवन कुंड की लोगों ने परिक्रमा की।
विंध्य धाम में नगरपालिका की ओर से अपेक्षित साफ सफाई नहीं की गई थी। वहीं भक्तों की भारी भीड़ होने से व इधर उधर वाहनों को खड़ा करने से जाम कि स्थिति बनी रही जिसमें फंस कर श्रद्घालु परेशान रहे। अमरावती चौराहा, बरतर तिराहा, स्टेट बैंक चौराहा, बंगाली चौराहा, बावली चौराहा आदि स्थानों पर भीषण जाम लगा रहा।