मिर्जापुर। नगर में अमृत योजना के तहत सीवर की पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़कें और गलियां खोदी गई थीं। इसके बाद सड़कों की मरम्मत के नाम पर मिट्टी और गिट्टी डालकर लेपन कर दिया गया था। ऐसे में दो साल के भीतर ही नगर के 19 वार्डों की 49 सड़कें और 35 गलियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
नगर के सभी 38 वार्डों की मुख्य सड़कें और गलियों की खोदाई की गई थी। मरम्मत कराने के बावजूद 19 वार्डों की सड़कों की हालत बेहद खराब हो गई है। नगर के महुवरिया, रमईपट्टी, फतहां, पक्का पोखरा, डंगहर, तरकापुर, बरौंधा, स्टेशन वार्ड, पुरानी दशमी, गोसाई तालाब, अनगढ़ की सड़कें खस्ताहाल हैं। रतनगंज में इलिया होटल से रेलवे स्टेशन तक सड़क चलने लायक नहीं है। इसी प्रकार अनगढ़-महावीर रोड, भैंसहिया टोला, सबरी रेलवे फाटक रोड, लालडिग्गी चौराहा और संगमोहाल ओवरब्रिज के नीचे स्टेशन जाने वाली सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई है। इनके अलावा वार्डों की गलियां भी खराब हैं।
सड़कों की मरम्मत के लिए 21 करोड़ का प्रावधान
मिर्जापुर। अमृत योजना के तहत सीवर के लिए खोदी गई सड़कों के निर्माण के लिए 21 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। सड़क निर्माण का जो प्राक्कलन तैयार किया गया है, उसके मुताबिक पूरे नगर में एक लाख 31 हजार वर्ग मीटर सड़क का निर्माण कराया जाएगा। जो सड़क खोदाई से पहले जिस हालत में थी, उसी हिसाब से बनायी जाएगी। यदि कोई पिच रोड थी तो पिच रोड बनाई जाएगी और सीसी रोड थी तो वहां सीसी रोड बनाई जाएगी।
वर्जन
खोदी गईं सड़कों को बनाकर चलने लायक बना दिया गया है। प्रारंभिक निर्माण के बाद एक-दो साल के लिए छोड़ दिया जाता है। सड़क पूरी तरह बैठने के बाद स्थायी रूप से निर्माण कार्य कराया जाएगा।
- मो. अयाज, परियोजना प्रबंधक, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई