विंध्याचल की फाईल फोटो- चैत्र नवरात्र में मां विंध्यवासिनी की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं की
मिर्जापुर। विंध्य कॉरिडोर के निर्माण ने चैत्र नवरात्र को खास बना दिया था। नवरात्र के पहले दिन से लेकर महानवमी तक 46 लाख देवी भक्तों ने विंध्यधाम पहुंचकर मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन किया।
नवरात्र का सबसे खास चौथा दिन रहा। इस दिन केवल एक दिन में नौ लाख से अधिक देवी भक्तों ने हाजिरी लगाई थी।
331 करोड़ की लागत से बने विंध्य कॉरिडोर के बाद से क्षेत्र के विकास और सुविधा के विस्तार के बाद विंध्याचल में दर्शन पूजन को लेकर हर बार कुछ न कुछ रिकार्ड बनता रहता है। इस बार का चैत्र नवरात्र कुछ इसी तरह के रिकॉर्ड की ओर विंध्यधाम बढ़ रहा था। चैत्र नवरात्र की अष्टमी को सुबह तक 40 लाख से ज्यादा लोगों ने मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन किया था।
श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने बताया चैत्र नवरात्र के पहले दिन 19 मार्च को चार लाख, 20 मार्च को दूसरे दिन दो लाख, 21 मार्च को तीसरे दिन आठ लाख, 22 मार्च को चौथे दिन नौ लाख, 23 मार्च को पंचमी पर चार लाख, 24 मार्च षष्ठी को छह लाख, 25 मार्च सप्तमी पर चार लाख, 26 मार्च महा अष्टमी को छह लाख तथा महानवमी को माता दरबार पहुंचकर तीन लाख से देवी भक्तों को मिलाकर कुल 46 लाख लोगों ने दर्शन पूजन किया।
प्रयागराज में महाकुंभ के पलट प्रवाह में ही इससे अधिक संख्या में श्रद्धालुओं ने मां विंध्यवासिनी का दर्शन किया था। पलट प्रवाह में 23 दिन में 74.5 लाख से ज्यादा भक्तों ने माता का दर्शन किया था। चैत्र नवरात्र में पहले दिन से लेकर नवमी तक कुल नौ दिनों में 46 लाख देवी भक्तों ने मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन किया।