मिर्जापुर। जिले के परिषदीय विद्यालयों में मंगलवार को ग्रेडिंग परीक्षा का आयोजन किया गया। दोपहर एक बजे से तीन बजे तक आयोजित हुई इस परीक्षा में शत प्रतिशत विद्यार्थियों की उपस्थिति का दावा किया गया। आरोप लगाया गया कि इस परीक्षा में एक ही प्रश्नपत्र से पूरी कक्षा को परीक्षा दिलाई गई और उनको बोलकर नकल कराया गया।
जिले में 2210 प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में दो लाख 73 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। परियोजना की तरफ से इन विद्यालयों की ग्रेडिंग के लिए इस परीक्षा का आयोजन किया गया था। इसके लिए विशेष रूप से एक प्रश्न पुस्तिका तैयार की गई थी जिसमें 50 प्रश्न थे। हिंदी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान आदि विषयों सहित पांच विषयों में 10-10 प्रश्न शामिल किए गए थे। इन प्रश्नों के उत्तर को साथ में दी गई ओएमआर शीट पर संबंधित प्रश्न संख्या को टिक कर के देना था। बच्चों ने इन प्रश्नों का उत्तर तो दिया लेकिन साथ ही कई सवाल भी खड़े कर दिए। कई अभिभावकों ने कहा कि इस तरह से परीक्षा लेने से परीक्षा का मतलब हल नहीं होता। एक ओर जहां परीक्षा की शुचिता को बरकरार रखने के लिए सीसीटीवी कैमरा व वायस रिकार्डर लगाया जा रहा है। वहां पर जोर- जोर से बोलकर प्रश्न लिखाने को क्या कहा जाए। अभिभावकों का आरोप है कि प्रश्न तो ब्लैक बोर्ड पर लिखे थे, उनका उत्तर बोलकर लिखवाया जा रहा था। यदि ऐसा ही था तो परीक्षा ही नहीं लेनी चाहिए थी।
परीक्षा शुचितापूर्ण ढंग से आयोजित की गई थी। कहीं कोई समस्या हो सकती है। कुछ संसाधन की भी समस्या थी। नकल कराने का आरोप निराधार है। - प्रवीण कुमार तिवारी, बीएसए, मिर्जापुर
मिर्जापुर। जिला बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से सभी विद्यालयों की एक कक्षा के लिए एक प्रश्न पुस्तिका की व्यवस्था की गई थी। मसलन यदि एक विद्यालय में कक्षा एक से लेकर पांच तक के बच्चे हैं तो उनको पांच प्रश्न पुस्तिका दी गई थी। कक्षा में चाहे दो बच्चे हो या 40, प्रश्न पुस्तिका एक ही दी गई। प्रश्नों को ब्लैक बोर्ड पर लिखकर उनका उत्तर टिक करने को कहा गया था।