ड्रमंडगंज। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण अदवा बांध में क्षमता से अधिक पानी भर गया। जिसके चलते शनिवार को सिंचाई विभाग को अदवा बांध के दो गेट खोलने पड़े। बांध का गेट खोलने से नदी में पानी का बहाव तेज हो गया। साथ ही किनारे और आसपास स्थित खेतों में किसानों की फसलें डूब गईं। हालांकि बांध की क्षमता बराबर पानी होने पर दोनों गेटों को रविवार को पुन: बंद कर दिया गया। फसलों के प्रभावित होने से किसान चिंतित हैं। सिंचाई के लिए अदवा गांव में चार दशक पूर्व नदी को बांध कर बंधे का निर्माण किया गया था।
विकास खंड हलिया के अदवा बांध में तीन गेट बने है। भारी बरसात के चलते बांध में पानी बढ़ता देख सिंचाई विभाग द्वारा दो गेट को खोल दिया गया, जिसके चलते बांध से जुड़ी तीन नदियों अदवा, केहजूआ, सपहरा नदियों का पानी भर गया। जिसके चलते इन नदियों के आसपास के राजपुर, सोनगढ़ा, पंवारी खुर्द, वैधा तथा गुरगी गांव के किसानों की फसलें डूब गईं। हलिया में अदवा, केहजूआ, सपहरा आदि नदियों का जाल बिछा हुआ है। किसान जगदीश सिंह, सुरेश दुबे, शंकर लाल तथा माधो लाल का कहना है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण पिछले कई वर्षों की तरह इस वर्ष भी सैकड़ों बीघा फसल डूब गई। किसानों ने जिला प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
वर्जन
अधिशासी अभियंता सिरसी बांध प्रखंड कैफ सिद्दीकी ने बताया कि बांध खुलने से किसानों की फसलें डूबी है, जिसके चलते किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। मुआवजा के लिए किसानों के लैंड केस बनाकर शासन को भेजा गया है। शासन से धनराशि मिलते ही मुआवजा दिया जाएगा।