जमालपुर। क्षेत्र के किसान ऋण माफी की आस में आज भी भटक रहे है। पहले चरण में सात सौ किसानों का कर्ज माफ होने से किसानों में माफी की आशा बनी हुई है। वहीं बैंक अधिकारियों द्वार किसानों को समुचित जवाब नहीं देने से काफी रोष है। जबकि बैंक कर्मचारी स्पष्ट निर्देश नहीं आने से कुछ भी नहीं कह पा रहे है।
विकास खंड जमालपुर में कर्ज माफी को लेकर किसानों में एक आस जगी थी, पहले चरण में सात सौ किसानों का करीब पांच करोड़ रुपये ऋण माफ हो गया था। बावजूद इसके अभी भी हजारों किसान क्रेडिट कर्ज माफी योजना से वंचित है। वंचित किसान बैंक का चक्कर लगा रहे है। जिसके चलते बैक अधिकारियों से आये दिन नोकझोंक हो रही है। जबकि वर्तमान सरकार द्वारा चुनाव के पहले ही कर्ज माफी का वादा किया गया था, जो सरकार बनते ही पहली कैबिनेट की बैठक में किसानो के ऋण माफी की घोषणा कर दी। लेकिन आज तक सरकार सभी किसानों का कर्ज माफ नहीं कर सकी है, जिससे किसान आये दिन बैंक का चक्कर लगा रहे है। अब तक सिर्फ एक ही चरण की धनराशि आई है, अभी भीद लगभग तीन चौथाई किसान आस लगाये बैठे है। इससे किसानों में अब सरकार के प्रति रोष बढ़ रहा है। सरकार किसानों के साथ सौतेला व्यवहार अपना रही है। क्षेत्रीय लेखपाल आये दिन कर्ज माफी के नाम पर किसान खतौनी आदि समस्या बताकर आर्थिक शोषण कर रहे है। कुछ किसान तो तहसील दिवस पर भी बैंक के अधिकारी की शिकायत भी कर चुके है। वही इलाहाबाद बैंक के मैनेजर शक्ति श्रीवास्तव का कहना है कि इलाहाबाद बैंक में करीब नौ सौ किसानों का कर्ज माफी होने है, जिसमें पहले चरण में करीब चार सौ किसानों का कर्ज माफ हो गया है, बाकी किश्त जैसे जैसे आयेगी वैसे ही बाकी किसानों का कर्ज मोचन हो जायेगा। किसानों की शिकायत आनलाईन रजिस्टर कराया जा रहा है, लेकिन अभी तक कोई बजट नहीं आया है।