मिर्जापुर। शासन के निर्देशों को धता बताते हुए जिले के अधिकांश क्रशर प्लांट बगैर मानक पूरा किए ही संचालित किए जा रहे हैं। मानक के विपरीत चल रहे क्रशर प्लांटों पर कार्रवाई न होने से प्लांट मालिकों का मनोबल बढ़ता जा रहा है और वह दिन रात अवैध तरीके से कार्य कराते हुए परिवहन भी करा रहे हैं। यहीं नहीं प्लांटों से उड़ रही धूल से क्षेत्रीय लोग टीबी, दमा आदि अन्य बीमारी की जद में आ रहे हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से जिले में विशेष टीम भेजकर इसकी जांच कराते हुए अवैध तरीके से चल रहे क्रशर प्लांटों के विरुद्घ कार्रवाई कराने की मांग की है।
पड़री थाना क्षेत्र के डगमगपुर में संचालित दो दर्जन से अधिक क्रशर प्लांटो से उड़ रहे धूल व ब्लास्टिंग से राहगीरों को कौन कहे अगल बगल के आधा दर्जन गांवों की जनता काफी परेशान हो चुकी है। उड़ रही धूल से बहुत से लोग विभिन्न प्रकार के संक्रामक बीमारियों दमा ,टीबी आदि की चपेट में आ रहे हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारी व जिला प्रशासन से बार बार शिकायत किया। चक्काजाम तथा अनशन प्रदर्शन भी किया। लेकिन फिर भी अवैध तरीके से चल रहे क्रशर प्लांटों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई जबकि शासन का सख्त निर्देश है कि अवैध तरीके से चल रहे क्रशर प्लांटों को तत्काल बंद किया जाए फिर भी अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। रोक के बावजूद अवैध खनन व परिवहन का खेल जारी है। सबसे अधिक क्षेत्र के डगमगपुर में अवैध खनन व परिवहन हो रहा है। मजेदार बात यह है कि पत्थर माफियाओं द्वारा लीज की आड़ में अवैध खनन करके इमारती पत्थरों व बोल्डरों को वैध बनाने का काम कर रहे हैं। इतना ही नहीं अनुबंध लीजों के अलावा अवैध खनन के पत्थर को क्रशर प्लांटों द्वारा खपाया जा रहा है। अवैध ब्लास्टिंग व क्रशरों से उड़ रहे धूल से आजिज जनता ने डगमगपुर बरगवा मार्ग जाम कर प्रदर्शन भी किया लेकिन जिला प्रशासन द्वारा क्रशर संचालन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। क्षेत्र के डगमगपुर मड़फा सागरसेमर पहिती गोपालपर गहीरा दाढ़ीराम चाँदलेवा आदि जगहों पर अवैध खनन व परिवहन धड़ल्ले से किया जा रहा है जिससे सरकार को प्रति माह लाखों का चूना लग रहा है। समय रहते हुए यदि जिला प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो ब्लॉस्टिंग से लोगों के मकानों की दीवारे‘ दरकने लगेंगी। पशु के साथ साथ आम जनता पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है जिसके लिए क्षेत्रीय जनता पुन: कभी भी सड़क पर उतर सकती है। रामलखन, संतोष, जितेन्द्र कुमार, शारदा प्रसार, रामसागर, अवधेश कुमार, आशीष कुमार, मोहन लाल आदि ने क्रशर प्लांटों पर अंकुश लगाने की मांग की है।