मिर्जापुर। किसानों की सुविधा के लिए फाॅर्म स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। इससे किसानों को खेती से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है। फाॅर्म स्कूलों का संचालन जिले के सभी विकास खंडों में किया जा रहा है।
फाॅर्म स्कूल एक खुली पाठशाला के रूप में होता है। जब भी कृषि विभाग कोई नई योजना शुरू करता है तो एक विकास खंड के किसी प्रगतिशील किसान की एक हेक्टेयर खेत चिह्नित करता है। इसके बाद आसपास के किसानों को बुलाकर उनके सामने संबंधित योजना का प्रदर्शन कर जानकारी दी जाती है। यदि किसी नई प्रजाति का कोई बीज आता है तो उस खेत में उसी बीज से खेती कर किसानों को यह बताने का प्रयास किया जाता है कि उस बीज से खेती करने पर पैदावार अच्छी होती है। इस प्रकार की गतिविधियों के लिए जिले के सभी 12 विकास खंडों में फाॅर्म स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। एक प्रकार से यह योजनाओं के प्रति किसानों में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास होता है। खास बात यह है कि इस प्रकार के स्कूलों में कृषि विशेषज्ञ मौजूद रहते हैं और वे मिट्टी की जानकारी से लेकर बीज व पैदावार के बारे में पूरी जानकारी देते हैं। कई बार ऐसे स्कूलों में मिट्टी की जांच की भी व्यवस्था रहती है। जिससे किसान अपने खेत की मिट्टी के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उसी के अनुसार खेतों में खाद व अन्य संसाधनों का प्रयोग कर खेत को अधिक उपजाऊ बनाने का प्रयास कर सकते हैं। उप निदेशक कृषि विकेश पटेल ने बताया कि जिले के सभी ब्लॉकों में तीन-तीन फार्म स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। कुल 36 फाॅर्म स्कूलों का संचालन किया जा रहा है।