मिर्जापुर। वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण उम्मीद पोर्टल पर कराने की पहली समय सीमा छह दिसंबर को समाप्त हो गई। इस तिथि तक जिले में 704 में से मात्र 444 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण उम्मीद पोर्टल पर कराया गया है।
शेष 260 संपत्तियों का कोई विवरण नहीं है। इनको अब संदिग्ध माना जा रहा है। फिलहाल अभी शासन के निर्देश का अधिकारी इंतजार कर रहे हैं।
जिले की 704 वक्फ संपत्तियों में से उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल बोर्ड ने 697 और शिया सेंट्रल बोर्ड ने सात संपत्तियों पर दावा किया था। प्रदेश में जब वक्फ संपत्तियों की जांच शुरू हुई थी तो जिले में भी इसकी जांच हुई।
वक्फ बोर्ड ने 704 संपत्तियों की सूची दी थी। उनकी जांच कराई गई है। जांच में पता चला कि इनमें से 598 संपत्तियां सरकारी खतौनी में दर्ज हैं और 23 निजी संपत्तियां हैं। 83 संपत्तियों का चिह्नांकन नहीं हुआ है।
जांच में वक्फ बोर्ड की कोई भी संपत्ति वक्फ के नाम पर नहीं पाई गई। यह रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण कराने को कहा गया तो 260 संपत्तियों का अभी पता नहीं है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रामदत्त ने बताया कि अब तक 444 वक्फ संपत्तियों का पोर्टल पर पंजीकरण कराया गया है। इसमें से 435 सुन्नी व नौ शिया संपत्तियां हैं। 260 संपत्तियों का कोई विवरण नहीं है।