म़िर्जापुर। जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने सदर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस पर जनता की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जनता की समस्याएं समय से दूर करने का निर्देश दिया। साथ ही कुछ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए उनसे जवाब मांगा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि कोई अधिकारी सरकारी कार्य से संपूर्ण समाधान दिवस के दिन जनपद से बाहर रहते है तो अपने अधिनस्थ को पूरी जानकारी के साथ भेजना सुनिश्चित करें। तहसील दिवस पर सदर में कुल 132 मामले आए जिनमें से मौके पर 23 प्रकरणों का निस्तारण कराया गया। तहसील दिवस पर पुलिस, राजस्व, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास, पेयजल आदि के मामले छाए रहे। तहसील दिवस पर एसडीएम सदर अरविंद चौहान, पीडी डा. हरिचरण सिंह, सीएमओ डा. एके उपाध्याय, बीडीओ सुनील तिवारी, भावना यादव, डीआईओएस अवध किशोर सिंह, दिव्या शुक्ला, एआर कोआपरेटिव रत्नाकर सिंह आदि मौजूद रहे। चुनार तहसील सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस में आये फरियादियो की समस्याओं को उपजिलिाधिकारी चुनार अविनाश त्रिपाठी ने सुना। उन्होंने समय से प्रार्थना पत्रों के गुणवत्तायुक्त निस्तारण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया। तहसील दिवस में कुल 87 प्रार्थना पत्र आए, जिसमें से मौके पर तीन का निस्तारण हुआ। इस दौरान सुरेंद्र बहादुर सिंह, सीएमओ एके सोनकर, आरके यादव आदि प्रमुख मौजूद रहे। मड़िहान में मंगलवार को स्थानीय तहसील में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन सीआरओ वंश बहादुर के नेतृत्व में किया गया। निस्तारण नही होने से फरियादियों की संख्या कम होती जा रही है। इस दौरान 30 प्रार्थना पत्र ही आए, जिसमें से मात्र एक का निस्तारण मौके पर किया गया। बाकी संबंधित विभाग को 15 दिनों के अंदर निस्तारण के लिए भेज दिया गया। सबसे ज्यादा मामले राजस्व से संबंधित आये। इस दौरान एडीएम वित्त एवं राजस्व वंश बहादुर, एडिशनल एसपी आपरेशन अजय सिंह, उपजिलाधिकारी सविता यादव, तहसीलदार रामजीत मौर्य, खंड विकास अधिकारी अमीर चन्द्रराम आदि लोग मौजूद रहे।