कछवां। क्षेत्र में चल रहे 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के तीसरें दिन 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ में 201 ग्रामीणों ने गुरू दीक्षा ली। इस दौरान उन्हें मोक्षदायनी गंगा को स्वच्छ रखने का संकल्प भी दिलाया गया। कथा में श्रद्घालुओं का हुजूम उमड़ा रहा।
24 कुंडीय महायज्ञ और प्रज्ञा पुराण कथा का सोमवार को कथावाचिका शुशीला अंधोरे ने स्वच्छ बनाए रखने और नशा मुक्ति का भी संकल्प दिलाया। महायज्ञ के दौरान इलाके के 201 ग्रामीणों ने गायत्री महामंत्र की गुरू दीक्षा ली। महायज्ञ के तीसरे दिन कथावाचिका ने त्याग और बलिदान की गाथा सुनाई। कहा कि भगवान उन लोगों की अग्निपरीक्षा लेते हैं, जो त्याग और बलिदान की प्रतिमूर्ति होते हैं। गंगा सेवक मंडल का गठन कर सदस्यों को उनके दायत्वि से अवगत कराया गया। सदस्यों ने संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर करके उसे कथावाचिका को सौंप दिया। कथा में 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के दौरान महिला और पुरुषों ने पूर्णाहुति देकर मंगल कामना की। इस मौके पर देवनायका चार्य महराज और योगाचार्य बाबा महेंद्र पाल, अजय उपाध्याय, नागेंद्र नरायन दुबे, अनील सिंह, प्रभु रस्तोगी, दिवाकर उपाध्याय, मनोज सिंह, शेखर उपाध्याय, हर्षित सिंह आदि रहे।