मिर्जापुर। जिले में इन दिनों बिजली आपूर्ति बेपटरी हो चुकी है। दिन हो रात आपूर्ति कभी भी बाधित हो जा रही है। विधान सभा चुनाव में पूर्ण बहुमत की सरकार बनने के बाद सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जनता को सौगात देते हुए मंडल के जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे तहसीलों में 20 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली देने का वादा किया था, लेकिन कुछ ही महीनों में उनके वादों की हवा निकल गई। जनपद वासियों में सरकार के वादा खिलाफी को लेकर आक्रोश व्याप्त है।
नगर क्षेत्र हो या ग्रामीण बिजली सभी को रुला रही है। 24 घंटे के स्थान पर नगर को मात्र 15 घंटे ही विद्युत आपूर्ति की जा रही है। तहसील व ग्रामीण क्षेत्रों का तो और भी बुरा हाल है, वहां छह से आठ घंटे ही बिजली मिल पा रही है। जिससे उनके सामने सिंचाईं की समस्या उत्पन्न हो गई है। बरसात के दिनों में उमस से लोगों का बुरा हाल है। भाजपा सरकार ने बिना तैयारी के ही वादा कर लिया, जबकी गांवों में कहीं खंभे हैं तो कहीं नहीं हैं। जर्जर तारों के कारण आए दिन तार टूटने से घंटों विद्युत आपूर्ति बाधित हो जा रही है। ट्रांसफार्मर खराब हो जाने की अवस्था में बिजली कब मिल पाएगी कुछ कहा नहीं जा सकता, जबकी सरकार के निर्देशानुसार खराब व जले ट्रांसफार्मरों को दो दिन में बदला जाना है। ट्रांसफार्मर को लगवाने में ग्रामीणों को दस से पंद्रह दिन तक आफिस के चक्कर काटने बाद भी ट्रांसफार्मर नहीं लग पाते हैं। नगर में बिना रोस्टिंग के तीन तीन घंटे तक बिजली गुल रहती है। यहां तक कि स्वतंत्रता दिवस के दिन भी पूरे दिन में तीन से चार बार बिजली कटी थी, जबकी पहले ऐसा कभी नहीं होता था। गुरुवार की रात में नौ बजे से आधी रात के 12 बजे तक आपूर्ति बाधित रही, शनिवार की रात नौ बजे से साढे 11 बजे तक आपूर्ति बाधित रही। रविवार को दिन में कई बार बिजली आई गई,यही हाल रात में भी रहा, जिससे लोगों को आधी रात तक जाग कर बितानी पड़ी।