प्रतीक्षा सूची की मेरिट और नियमों की अनदेखी कर नियुक्त 21 सफाई कर्मचारियों की सेवा सोमवार को समाप्त हो गई। डीपीआरओ ने उच्च न्यायालय के आदेश के बाद डीएम के निर्देश पर 21 सफाई कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दिया। वहीं पिछड़ा वर्ग के एक अभ्यर्थी की नियुक्ति प्रतीक्षा सूची से मेरिट के आधार पर करने का आदेश दिया।
जिला पंचायत राज विभाग के तहत गांवों में सफाई के लिए विगत वर्ष 2003 सफाईकर्मियों की भर्ती की गई थी। इसमें से सीधी भर्ती से 1947 सफाईकर्मचारियों की नियुक्ति हुई थी। इसके बाद अभ्यर्थी धर्मेंद्र कुमार, अनिल यादव, मयंक कुमार सिंह सहित 14 सफाई कर्मचारियों ने नियुक्ति को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल किया।
इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर डीपीआरओ ने 28 सफाईकर्मचारियों की तैनाती की। साथही तत्कालीन डीपीआरओ ने अन्य 28 सफाई कर्मचारियों की मनमाने तरीके से नियमों की अनदेखी करते हुए लाटरी सिस्टम से नियुक्त कर दिया। इसके खिलाफ सफाई कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल किया।
हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए डीएम को मामले का निस्तारण करने का निर्देश दिया।
डीएम राजेश कुमार सिंह ने प्रतीक्षा सूची से मेरिट और आरक्षण नियमों की अनदेखी करते हुए तत्कालीन डीपीआरओ द्वारा लाटरी सिस्टम से नियुक्त किए गए 11 अनुसूचित जाति अैर 10 अन्य पिछड़ा वर्ग सहित 21 सफाई कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने का आदेश डीपीआरओ को दिया।
डीपीआरओ बालेशधर द्विवेदी ने 21 सफाई कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी। साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग के एक अभ्यर्थी की नियुक्ति प्रतीक्षा सूची से मेरिट के आधार पर करने का भीआदेश दिया है।