मिर्जापुर। फतहां स्थित विद्युत वितरण मंडल कार्यालय पर शुक्रवार को विजिलेंस टीम धमक पड़ी। विजिलेंस टीम के आने की सूचने पर कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। मौजूद कर्मचारी पलक झपकते ही आंखों से ओझल हो गए। विजिलेंस की टीम घंटाें कार्यालय के चक्कर काटती रही। नवागत अधीक्षण अभियंता के आने के बाद जांच शु़रू हो सकी।
तीन दिनों पूर्व वाराणसी की विजिलेंस टीम ने भदोही निवासी ठेकेदार के लिखित शिकायत पर अधीक्षण अभियंता कार्यालय में कार्यरत स्टेनो को 45 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था। जिसको गंभीरता से लेते हुए शासन ने मंडल अधीक्षण अभियंता को निलंबित कर दिया था। उसी मामले में शुक्रवार को विजिलेंस की तीन सदस्यीय टीम साढ़े 11 बजे के लगभग कार्यालय पर पहुंच गई। जिससे वहां हड़कंप मच गया। कर्मचारियों के साथ साथ दलाल भी धीरे से निकल लिए। विजिलेंस टीम घंटो कार्यालय का चक्रमण करती रही, लेकिन कोई कुछ बताने को तैयार नहीं था। कार्यालय तो खुला रहा लेकिन कुर्सियां खाली पड़ी थीं, पंखे चलते रहे जो जिस हाल में था वैसा ही रहा केवल कर्मचारी गायब थे। टीम ने नवागत अधीक्षण अभियंता से संपर्क किया तो उन्होंने कार्यालय पहुंच कर टीम को जांच करने में सहयोग किया। इस दौरान टीम घंटाें अधीक्षण अभियंता के आफिस में बैठ कर जांच करती रही। जांच के दौरान दर्जनों बार घंटी घनघनाती रही और बड़े बाबू हाथ में फाइल लेकर दौड़ते रहे। टेंडर नंबर 241 2016-17 भवानीपुर उपकेंद्र की फाइल पर विजिलेंस टीम की पैनी नजर थी, जिसको लेकर भदोहीं निवासी ठेकेदार नृपति यादव ने शिकायत की थी।