मिर्जापुर। श्री द्वारकाधीश मंदिर में आयोजित हो रहे 116 वें झूलनोत्सव समारोह के दौरान सजाई गई झांकियों को देखने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुुआ है। श्रावण मास की एकादशी से पूर्णिमा तक चलने वाले झूलनोत्सव में भगवान श्रीकृष्ण और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन से संबंधित झांकिया सजाई गई हैं। भजन कीर्तन के संगीत के साथ चलने वाली झांकिया दर्शकों को आकर्षित कर रही हैं।
द्वारिकाधीश मंदिर में प्रवेश करते सबसे पहले नरसिंह अवतार की झांकी लोगों को आकर्षित कर रही है। बंगाली मूर्ति कलाकारों द्वारा बनाई गई नरसिंह ने बेहतरीन प्रतिमाएं बनाई हैं। इसी प्रकार रामदरबार, सबरी आश्रम, बालि वध, बकासुर वध, अघासुर वध, कालिया मर्दन, ब्रज में होरी, गंगा अवतरण, पूतना वध, कंस वध आदि झांकियां बरबस ही लोगों का मन मोह ले रही हैं। मंदिर परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में श्री द्वारकाधीश जी ट्रस्ट के ट्रस्टी प्रदीप कुमार बजाज ने बताया कि परंपरागत रूप से इस वर्ष भी छह अगस्त को मंदिर परिसर में द्वारकेश्वर महादेव का वार्षिक श्रृंगार किया जाएगा। इस दौरान बर्फ के शिवलिंग का दर्शन प्रमुख आकर्षण होगा। झूलनोत्सव का पूरा कार्यक्रम परितोष बजाज के निर्देशन में स्थानीय कलाकारों द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 13 अगस्त को श्री ठाकुर जी का वर्षगांठ समारोह आयोजित होगा। 12 अगस्त को शाम पांच बजे से कानपुर से आए विद्वान आचार्यों द्वारा रुद्राभिषेक किया जाएगा। 13 अगस्त को श्री द्वारकाधीश जी का विशेष पूजन होगा। इसी दिन शाम सात बजे से ख्यातिलब्ध भजन गायक गोविंद भार्गव अपने सुमधुर भजनों का रसपान करायेंगे। विशेष कलाकारों द्वारा ठाकुर जी फूलों स शृंगार किया जाएगा।