जमालपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे सीएमओ उमेश यादव को आशा कार्यकर्ताओं ने सीएचसी में ही बंधक बना लिया। आशा कार्यकर्ताओं का कहना था कि उन्हें पांच माह से मानदेय और अन्य भत्ते नहीं मिले हैं। मांगने पर लिपिक सुविधा शुल्क की मांग करता है। चिकित्सकों के समझाने बुझाने के बाद आशा कार्यकर्ताओं ने सीएचसी के मुख्य द्वार पर बंद गेट का ताला खोला।
सीएमओ डा. उमेश यादव शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे थे।मुख्य चिकित्साधिकारी ने चिकित्साधिकारी कक्ष, दवा वितरण कक्ष, प्रसव वार्ड, आयुष दवा वितरण कक्ष का निरीक्षण किया ।सभी दरवाजों पर पर्दे लगाए जाने की हिदायत दी और दीवारों पर ह्वाइट सीमेंट पुतवाने को निर्देशित किया। उन्होंने लापरवाही बरतने पर नर्स को फटकार लगाई तथा प्रसव का मानक पूरा नही होने पर चिकित्साधिकारी को भी लताड़ा। वहीं शिक्षा स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा कंप्यूटर में आंकड़े दर्ज न होने नाराजगी जाहिर की ।निरीक्षण के दौरान पांच माह पूर्व सेवानिवृत्त हुए रामलाल के पेंशन पत्रावली में लिपिक द्वारा कमीशन मांगने पर सुविधा शुल्क न देने पर पेंशन नही बनाने का मामला सामने आया। वह मुख्य चिकित्साधिकारी के आने की सूचना पर अस्पताल के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गया था । अधिकारियों के काफी समझाने पर धरने से हटा एवं मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्रक दिया । मुख्य चिकित्साधिकारी आशाओं के साथ मीटिंग करने सभागार में पहुंचे। मीटिंग के दौरान आशा ऊषा और ममता ने मुख्य चिकित्साधिकारी को रो -रो कर अपनी व्यथा सुनाई ।कहा कि आशाओं का पांच माह से वेतन एवं अन्य भत्तों का पैसा नही मिला और हमसे यहां के लिपिक कमीशन की मांग करते हैं । इसी बात को लेकर कहासुनी हुई इसके बाद आशाओं ने सभागार के बाहर के गेट और मुख्य द्वार पर ताला बंद कर दिया। सीएमओ ने आशा कार्यकर्ताओं को काफी समझाया लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हो रही थीं। चिकित्सकों ने आशाओ को समझाया और सीएमओ की ओर से सभी समस्याओं के हल का आश्वासन दिया। डाक्टरों के अनुनय विनय पर आशाओं ने गेट खोला। इस दौरान सीएमओ आधे घंटे तक बंधक बने रहे । उन्होंने आशाओ से वार्ता कबव् बाद आशाओं को आश्वासन दिया कि उनके मानदेय और भत्तों का जल्द भुगतान कराया जाएगा । बंधक बनाने वालों में उषा, ममता, उर्मिला, आशा, शर्मिला, सरिता, बेला आदि शामिल रहीं।